पीलीभीतमें धर्मान्ध अराजक तत्त्वोंका दुस्साहस, शिव मंदिरके भीतर घुसकर तोडी प्रतिमाएं !!


मार्च १२, २०१९

 

उत्तरप्रदेशके पीलीभीत जनपदके अमरिया थाना क्षेत्रमें अराजक तत्त्वोंद्वारा मंदिरके भीतर प्रतिमाएं तोडे जानेका प्रकरण प्रकाशमें आया है । घटनाको लेकर स्थानीय लोगोंमें आक्रोश है ।

पुलिस उपाधीक्षक रोहित मिश्राने बताया कि रविवार रात अमरिया थाना क्षेत्रके मोहल्ला बाजार स्थित भूमिसेन शिव मंदिरमें अराजक तत्त्वोंने घुसकर प्रतिमाएं तोडी ! प्रातः पुजारीके देवालय पहुंचनेपर प्रकरण उजागर हुआ । शीघ्र ही यह समाचार समूचे क्षेत्रमें फैल गया ।

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगोंकी सूचनापर पुलिसने वहांपर पहुंचकर निरीक्षण लिया । स्थानीय लोगोंसे पूछताछके पश्चात प्रकरणमें जांच पडताल की जा रही है । मिश्रने बताया रातके अन्धकारमें अराजक तत्त्वोंद्वारा मन्दिरमें घुसकर प्रतिमाओंसे छेडछाड की गई है। वहांपर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है । अज्ञात लोगोंके विरुद्घ प्रकरण पंजीकृत किया गया है । शीघ्र ही आरोपियोंको बन्दी बना लिया जाएगा ।

 

“हिन्दुओंकी स्थिति ‘खिसियानी बिली खम्भा नोचे’वाली हो गई है ! दिखानेके लिए मन्दिर तो बना दिए जाते हैं, यदा कदा वहां भागवत भी आयोजन करवा दिया जाता है; परन्तु जिस उद्देश्यके लिए मन्दिरोंका निर्माण किया गया था, जिसमें एक स्थानपर एकत्र होकर विद्वानोंके मार्गदर्शनमें धर्मचर्चा, धर्म उत्सव, धर्म रक्षण आदि प्रमुख थे, क्या वे किए जा रहे हैं ? आज सामान्य हिन्दू इतना पतित हो चला है कि वो निरीश्वरवादी बनकर ईश्वरकी सत्ताको चुनौती देने लगा है और जो शेष मानते हैं वे अपने धार्मिक होनेके भ्रममें हैं ! जब धर्मकी इतनी घोर ग्लानि हो रही हो कि आपका अस्तित्व ही संकटमें आ जाए, उस समयमें आजके हिन्दू एक लौटा जल भगवान शिवको अर्पणकर स्वयंको प्रचण्ड धार्मिक मान लेता है और इसी भ्रममें कोई थोडा बहुत आगे चला जाए तो वह स्वयंको सन्त ही उपाधि दे देता है ! ऐसी दुर्रदशामें धर्मकी ग्लानि न हो तो क्या हो ? ऐसेमें धर्मान्धों मन्दिरमें घुसकर प्रतिमा तोडनेका दुस्साहस न करें तो क्या करें ? उन्हें तो यही शिक्षा दी जा रही है न ! हिन्दू स्वयं विचार करें और संगठित होकर शिवजीको जल चढाकर धर्मप्रसार, सामूहिक जपयज्ञ, धर्म जागृति व वास्तविक धर्मसे सभीको अवगत कराए, इसीमें हिन्दुओंका कल्याण नीहित है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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