देहलीके जामिया नगरमें मन्दिरकी भूमिपर अतिक्रमणका प्रयास, एक रात्रिमें गिरा दी वहां निर्मित धर्मशाला, उच्च न्यायालयने दिए सुरक्षाके निर्देश


२८ सितम्बर, २०२१
      राजधानी देहलीके मुसलमान बहुल क्षेत्र जामिया नगरके नूर नगरमें स्थित एक मात्र मन्दिरकी भूमिपर अतिक्रमण करनेके उद्देश्यसे कुछ असामाजिक तत्त्वोंद्वारा मन्दिर परिसरमें स्थित धर्मशालाके भवनको एक ही रात्रिमें ध्वस्तकर समतल कर दिया गया ।
      जामिया नगर २०६ ‘वार्ड’ समितिकी ओरसे अधिवक्ता नितिन सलूजाने उच्च न्यायालयमें याचिका प्रस्तुत की कि इस क्षेत्रके एक मात्र मन्दिरपर अतिक्रमणके प्रयास हो रहे हैं । उन्होंने धर्मशाला तथा मन्दिरके छायाचित्र भी प्रस्तुत किए । इसपर  २४ सितम्बर २०२१ को उच्च न्यायालयके खण्ड पीठने मन्दिर परिसरकी सुरक्षाका आदेश पारित किया ।  न्यायालयने कहा कि मन्दिर परिसरमें पुनः अतिक्रमण न हो तथा वहां सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए ।
        उस मन्दिरका निर्माण १९७० में हुआ था । वहां नित्य पूजा-अर्चना होती रहती है । वहां लगभग ८ से १० मूर्तियां थीं, जिन्हें अराजक तत्त्वोंने हटा दिया है । यह मन्दिर जिस मुसलमान बहुल क्षेत्रमें है, वहां मात्र ४० से ५० हिन्दू परिवार रहते हैं । मुसलमान, इस मन्दिरको हटाकर, उस स्थानपर ‘कॉम्प्लेक्स’ निर्माण करनेके इच्छुक हैं ।
        जिस क्षेत्रमें मुसलमानोंकी सङ्ख्यामें वृद्धि होती है, वहां हिन्दू असुरक्षित हो जाते हैं । देशके अनेक राज्योंके अनेक क्षेत्रोंमें हिन्दू अल्पसङ्ख्यक होनेसे असुरक्षित हो चुके हैं एवं पलायन करनेको विवश हैं । जामिया क्षेत्रमें भी यही हुआ है । न्यायालयने ‘पुलिस’को सुरक्षा देनेका आदेश पारित किया है । शासनको भी इस ओर ध्यान देकर हिन्दुओंकी तथा धार्मिक स्थानोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution