‘ईद’के समय चाकरी करके लौट रहे ‘पुलिसकर्मी’ सतेंद्रको वसीम और मित्रोंने बुरी तरह पीटा : गम्भीर स्थितिमें चिकित्सालयमें ‘भर्ती’, तीन बन्दी
५ मई, २०२२
उत्तर प्रदेशके बिजनौरमें ‘ईद’के दिन ‘नमाज’ पढकर लौट रहे तीन युवकोंने एक सिपाहीको इतना मारा कि उसकी स्थिति गम्भीर हो गई है । ३ मईको आरक्षी सतेंद्र कुमार दिवसकी अपनी चाकरी पूर्ण होनेके उपरान्त ‘मोटरसाइकिल’से बुढनपुरसे ‘थाना’ स्योहाराकी ओर जा रहे थे । इसी मध्य ईकडा पुलपर किसी वाहनको बचाते समय सतेंद्रकी ‘मोटरसाइकिल’ अनियन्त्रित हो गई और वह सडकपर गिर गए । इस मध्य उनके मुखपर चोट भी आई और वह ‘लहूलुहान’ हो गए ।
‘पुलिस’का कहना है कि इसी मध्य मोहम्मद फैजान (आयु १९ वर्ष पुत्र अब्दुल रहीम), मोहम्मद साद (आयु २० वर्ष पुत्र मतलूब अहमद) और वसीम (आयु २१ वर्ष पुत्र नसीम अहमद) वहां आए और सतेंद्रके साथ अभद्र भाषाका प्रयोग करने लगे । इस मध्य तीनोंने ‘पुलिसकर्मी’के साथ मारपीट भी की । इसके उपरान्त सूचना मिलनेपर स्थानीय ‘पुलिस’ घायल सतेंद्रको ‘सीएचसी’ स्योहारामें ‘भर्ती’ कराया, जहांसे उन्हें मुरादाबाद भेज दिया गया ।
‘पुलिस’ने तीनों आरोपितोंको बन्दी बना लिया है । तीनों आरोपित बिजनौर जनपदके ‘थाना’ नूरपुरकी नूतन बस्ती राजाका ताजपुरके रहनेवाले हैं । तीनोंके ऊपर भारतीय विधानकी धारा ३३२, ३०७, ५०४ और ५०६ के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया गया है ।
जिहादी शरीयतका राज स्थापित करना चाहते हैं न ही उन्हे विधानका भय है न ही प्रशासनका । वह बहुसंख्यक हिन्दुओंको भयभीत करना चाहते हैं । आशा है उत्तर प्रदेशका योगी शासन घटनाका संज्ञान लेकर जिहादी अपराधियोंको उनके सही स्थान कारागृहमें पहुंचाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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