शिवसेना नेताने किया ‘कोरोना गाइडलाइंस’का उल्लंघन, बचावमें उतरी मन्दिरोंको उत्तरदायी बतानेवाली पुलिस
२५ फरवरी, २०२१
महाराष्ट्रमें ‘कोरोना’के बढते प्रकोपके मध्य पुलिसको जहां नियमोंकी अनदेखी करनेवालोंके विरुद्ध कडाईका व्यवहार करना चाहिए, वहीं राज्य पुलिस जनता और सत्ताधारी दलके नेताओंमें अन्तर करनेमें लगी है । यही नहीं, इस विषयमें प्रश्न पूछे जानेपर महाराष्ट्र पुलिस इस भेदभावको उचित सिद्ध करते हुए भी देखी जा रही है । विशेष बात यह है कि विगत दिनों ठाकरे शासनने महाराष्ट्रमें बढते ‘कोरोना’के प्रकरणके लिए मन्दिरोंको ही उत्तरदायी बता दिया था ।
‘टाइम्स नाउ’के अनुसार, महाराष्ट्रसे समाचार है कि वाशिममें स्थित पोहरा देवी मन्दिरमें शिवसेना नेता संजय राठौडने जाकर कई समर्थकोंके साथ दर्शन किए, जहां ‘कोरोना’ नियमोंका उल्लंघन किया गया । इस मध्य न तो निर्धारित दूरीका ध्यान दिया गया और न ही कुछ लोगोंने मुखावरण पहनना आवश्यक समझा ।
महाराष्ट्रमें सत्ताधारी दलके विरुद्ध इस जानबूझकर किए गए कृत्यसे लोगोंके प्राण संकटमें डालनेके लिए महामारीके विधानमें प्राथमिकी प्रविष्ट होनी चाहिए । महाराष्ट्रमें शिवसेनाका सामान्य कार्यकर्ता भी स्वयंको प्रशासनसे ऊपर समझता है । वासिम पुलिसद्वारा संजय राठौडको न ‘पहचानने’का नाटक और केवल १० लोगोंको ही ‘पहचानना’ बडा ही हास्यपाद लगता है; अत: पुलिसके इस व्यवहारके लिए वहांके उत्तरदायी पुलिस अधिकारियोंके विरुद्ध भी कार्यवाही आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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