मुस्लिम तुष्टीकरणके प्रभावमें केरलके मुख्यमन्त्री, एक आतङ्कीको नहीं कह पाए उग्रवादी  


१३ मई, २०२१
केरलके मुख्यमन्त्री विजयन और पूर्व मुख्यमन्त्री चंडीको, अपने ‘फेसबुक’पर दिए गए सन्देशमें परिवर्तन करना पडा ।
 इजराइलमें जिहादियोंद्वारा राकेट गिराए जानेसे, केरलकी विवाहित युवती सौम्याकी मृत्यु हो गई, जिसके लिए दुःख प्रकट करनेमें केरलके मुख्यमन्त्रीने अपने ‘फेसबुक’पर सन्देशमें लिखा कि सौम्याकी मृत्यु उग्रवादियोंद्वारा ‘राकेट’ गिराए जानेसे हुई । मुसलमानोंकी अप्रसन्नताके कारण, मुख्यमन्त्रीपर दबाव डाला गया तो उसे अपने ‘फेसबुक’से उग्रवादी शब्द हटाना पडा ।
    जिस राज्यके मुख्यमन्त्रीपर दबाव डालकर, उससे परिवर्तन कराया जाए और उसे, तुष्टीकरणके कारण किसीको उग्रवादी कहनेसे भी भय लगता हो, तो ऐसे लोकतन्त्रका न होना ही उचित होगा । ऐसे भयभीत लोकतन्त्रके स्थानपर, धर्म सापेक्ष हिन्दूराष्ट्र होना अति आवश्यक है, जहां सत्य बोलने और लिखनेपर किसी प्रकारका दण्ड नहीं होगा और न ही किसीकी तुष्टीकरणकी आवश्यकता होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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