जनवरी १, २०१९
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीके पटनामें लगाए गए फलकको (पोस्टर्सको) अज्ञात युवकोंद्वारा फाडनेका प्रकरण सामने आया है । इनपर राहुल गांधीको भगवान रामके रूपमें दिखाया गया था । कांग्रेसने ३ फरवरीको पटनामें होनेवाली रैलीसे पहले ये फलक नगरमें लगवाए थे । इनपर लिखा गया था, ‘वे राम नाम जपते रहे, तुम बनकर राम जियो रे ।’ अब अज्ञात लोगोंद्वारा इन फलकको फाडनेकी घटना देखनेको मिली है ।
उल्लेखनीय है कि पटनामें कांग्रेसकी जन आकांक्षा रैली होनेवाली है । इससे पूर्व मध्य प्रदेशमें विधानसभा चुनावसे पूर्व राहुलकी शिवभक्तवाली छवि फलकके माध्यमसे दिखाई गई थी । कांग्रेसके इस विचित्र प्रचारपर विरोधी दलोंने लक्ष्य साधते हुए इसे राजनीतिक कृत्य बताया था ।
पोस्टरको लेकर बिहारमें सत्ताधारी जेडी (यू)के प्रवक्ता राजीव रंजनने कहा था, ‘यह आगामी लोकसभा मतदानसे पूर्व कांग्रेसका एक षडयन्त्र है । वह हिन्दू मतदाताओंको लुभानेका प्रयास किया जा रहा है; परन्तु जब लोगोंको सामने जब उस रास्तेपर एक दल पहलेसे चल रहा है तो लोग कांग्रेसको क्यों अपनाएंगे ?’
“जो राजनीतिक दल देवताओंके गणोंकी चरणोंकी धूल भी नहीं हैं, वे हिन्दुओंमें धर्माभिमानकी न्यूनताके कारण ऐसे कुकृत्य कर जाते हैं; परन्तु अभिनन्दन है उन धर्माभिमानी हिन्दुओंको, जिनमें धर्म अभी भी शेष है । देवताओंकी विडम्बना करनेवाले इन फलकको फाडना कोई दुर्घटना या कोई उपद्रव नहीं है, यह तो धर्माभिमानी हिन्दुओंद्वारा किया कृत्य है, जोकि प्रशंसनीय है । यह कृत्य तो, जब प्रथम बार किसी राजनीतिक दलने नेताको देवताके समकक्ष दिखाकर किया होगा, तभी हो जाना चाहिए था ! यदि तभी हो गया होता तो आजके ये मांसभक्षी तथाकथित जनेऊधारी नेता स्वयंको राम या दुर्गा मां घोषित करनेका दुस्साहस न करते !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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