प्रार्थना – भावजागृतिका एक महत्त्वपूर्ण घटक (भाग – १७)


भोजन करनेसे पूर्व की जानेवाली प्रार्थना

हे प्रभु, आपकी कृपाके कारण ही मुझे आपका यह महाप्रसादरूपी आहार मिला है, इस हेतु हम आपके कृतज्ञ हैं । इस महाप्रसादसे मेरे देहका पोषण हो एवं इसे ग्रहण करते समय मैं नामजप करते हुए कृतज्ञताके भावसे इसे ग्रहण कर सकूं, ऐसा मुझसे प्रयास होने दें ! इस महाप्रसादके चैतन्यसे मुझमें भक्ति, भाव, शरणागति एवं क्षात्रवृत्ति बढे एवं आपकेद्वारा पोषित मेरा यह मनुष्य देह, राष्ट्र और धर्मके कुछ कार्य आ सके, ऐसी आप कृपा करें ! हम आपके शरणागत हैं ।



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