फरवरी १६, २०१९
पुलवामापर आतंकवादी आक्रमणके पश्चात भारतने पाकिस्तानको दिया ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’का स्थान वापस ले लिया ! इसके पश्चात भारतने अब पाकिस्तानी सामानोंपर सीमाशुल्क (बेसिक कस्टम ड्यूटी) २०० प्रतिशत बढा दिया है ।
वित्तमन्त्री अरुण जेटलीने ट्वीटकर बताया, “पुलवामा आक्रमणके पश्चात भारतने पाकिस्तानसे ‘एमएफएन’का स्थान वापस ले लिया है । साथ ही पाकिस्तानसे भारत निर्यात होनेवाली सभी वस्तुओंपर सीमाशुल्क २०० प्रतिशततक तत्काल प्रभावसे बढा दिया गया है ।”
सीमा शुल्कमें वृद्धिसे पाकिस्तानसे भारतको किया जानेवाले निर्यातपर बुरा प्रभाव पडेगा ! वर्ष २०१७-१८ में पाकिस्तानसे भारतको ३४८२.३ कोटि रुपयोंका निर्यात किया गया था । पाकिस्तान प्रमुख रूपसे भारतको ताजे फल, सीमेंट, बडे स्तरपर खनिज-अयस्क और तैयार चमडा निर्यात करता है ।
इससे पहले नीति आयोगके उपाध्यक्ष राजीव कुमारने कहा, “पाकिस्तानको दिया गया ‘एमएफएन’ वापस लेनेके निर्णयका उसकी अर्थव्यवस्थापर प्रभाव पडेगा । पाकिस्तान पहलेसे ही गहरे संकटमें है । भारतका बडा बाजार अब पाकिस्तानके निर्यातके लिए बंद होगा ।” नीति आयोगके उपाध्यक्षने कहा, “कश्मीरमें अत्यन्त उकसावेवाली कार्यवाहीके पश्चात भारत इसके लिए बाध्य हुआ है ।”
दूसरी ओर पाकिस्तानने शुक्रवारको भारतीय उप उच्चायुक्तको तलब किया और पुलवामामें हुए भीषण आतंकवादी आक्रमणमें उसकी भूमिकाके बारेमें भारतकी ओर से लगाए गए आरोपोंके प्रति अपना विरोध प्रकट किया । पाकिस्तानकेद्वारा भारतीय उप उच्चायुक्तको तलब करनेका यह पग ऐसे समयमें उठाया गया जबकि भारतने देहलीमें पाकिस्तानी उच्चायुक्त सोहेल महमूदको तलब किया और ‘सीआरपीएफ’के सैनिकोंके बलिदानको लेकर कडा आपत्तिपत्र (डिमार्शे) जारी किया ।
“पाकिस्तानपर चहुंओरसे द्वार बन्द करनेपर ही उसके प्रति कार्यवाही सम्भव है । ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन और सीमा शुल्क बढाना आवश्यक पग हो सकते हैं; परन्तु पर्याप्त नहीं ! – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : फर्स्टपोस्ट
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