फरवरी १५, २०१९
प्रधानमन्त्रीने पुलवामा आतंकी घटनापर बोलते हुए कहा, “साथियों, पुलवामा आक्रमणके पश्चात, अभी मन: स्थिति और वातावरण दुःख और साथ ही साथ आक्रोशका है । ऐसे आक्रमणोंका देश डटकर सामना करेगा, रुकनेवाला नहीं है । मैं पुलवामाके आतंकी आक्रमणमें हुतात्मा सैनिकोंको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं । उन्होंने देशकी सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं । दुःखके इस समयमें मेरी संवेदनाएं, उनके परिवारोंके साथ हैं । इस आक्रमणके कारणसे देशमें जितना आक्रोश है, लोगोंका रक्त उबल रहा है, ये मैं समझ रहा हूं । इस समय जो देशकी अपेक्षाएं हैं, वो स्वाभाविक हैं । हमारे सुरक्षा बलोंको पूर्ण स्वतन्त्रता दी हुई है । हमें अपने सैनिकोंके शौर्यपर पूर्ण विश्वास है । मुझे पूर्ण विश्वास है कि देशभक्तिके रंगमें रंगे लोग उचित जानकारियां भी हमारे सुरक्षा विभागतक पहुंचाएंगे, ताकि आतंकको कुचलनेमें हमारी लडाई और तीव्र हो सके ।
मैं आतंकी संगठनोंको कहना चाहता हूं कि वो बहुत बडी चूक कर गए हैं । मैं देशको विश्वास देता हूं कि इसके पीछे जो शक्तियां हैं, इसके जो भी दोषी हैं, उन्हें उनके किएका दण्ड अवश्य मिलेगा ।
पूरे विश्वमें अलग-थलग पड चुका हमारा पडोसी देश यदि यह समझता है कि जिसप्रकारके कृत्य वो कर रहा है, जिसप्रकारके षडयन्त्र रच रहा है, उससे भारतमें अस्थिरता उत्पन्न करनेमें सफल हो जाएगा, तो वो बहुत बडी भूल कर रहा है ।”
“अब इस देशको वक्तव्यकी नहीं कठोर कार्यवाहीकी आवयकता है । इतने समयके पश्चात भी पाकिस्तान ऐसा दुस्साहस कर पा रहा है, इसका अर्थ है कि चूक हमने की है ! संसदमें बैठे राजनेताओंमें तनिक भी इच्छा शक्ति नहीं है, यदि होती तो आज यह कुकृत्य न होता !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज १८
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