अवयस्क बच्चीसे ४८ घण्टोंतक, १३ हिंसक लोगोंने किया दुष्कर्म, भोजन व वस्त्रोंके लिए करती रही क्रन्दन 


९ सिंतबर, २०२१
       महाराष्ट्रके पुणेमें, ‘पुलिस’ने १३ क्रूर दुष्कर्मियोंको बन्दी बना लिया है । इन अधमोंने एक १४ वर्षीय बच्चीसे ४८ घण्टेतक निरन्तर दुष्कर्म किया है । आरोपियोंमें ११ ‘ऑटोरिक्शा’ चालक, दो रेलयान कर्मचारियोंके साथ-साथ, उस लडकीका मित्र भी सम्मिलित है । उच्च अधिकारी बननेके स्वप्न देखनेवाली बच्ची, अपने १९ वर्षीय मित्रसे मिलने पुणे स्टेशनपर पहुंची; किन्तु मित्रको नहीं देख पानेपर, एक ‘ऑटोरिक्शा’ चालकने उसे मित्रसे मिलाने हेतु बाहर बुलाया और उसे औषधियुक्त जल पिलाकर मूर्छित कर दिया । दुष्कर्म करनेपर उसने स्थान परिवर्तित कर दिया । उसके पश्चात, उसके शेष साथियोंने भी उससे दुष्कर्म किया । बोध होनेपर लडकीने स्वयंको नग्न अवस्थामें, एक कक्षमें पाया । आरोपी आते रहे और दुष्कर्म करते रहे ।  वस्त्र व भोजन मांगनेपर भी, उससे दुष्कर्म करते रहे । उसका स्वास्थ्य बिगड जानेपर दुष्कर्मी उसे दादर ‘रेल’ स्थानकपर छोड आए और यह सब किसीको बतानेपर, उसे हत्याकी धमकियां दी गईं । ‘रेल’ स्थानकपर, रेलयानके दो कर्मचारियोंने भी उससे दुष्कर्म किया और उसे, उसके मित्रको सौंप दिया । चंडीगढ पहुंचनेपर उसकी गम्भीर अवस्थापर ‘जीआरपी’द्वारा पूछताछ करनेपर, उसे वहांके ‘प्रोजेक्ट डायरेक्टर चाइल्ड लाइन’को सौंप दिया गया, जहांपर उसने अपना विवरण बताया । प्राय: एक सौ ‘सीसीटीवी’ खङ्गालनेके पश्चात, एक ‘ऑटो रिक्शा’ चालकको पकड लिया गया और उसके माध्यमसे अन्य आरोपियोंको भी ढूंढ लिया गया । दुष्कर्मियोंद्वारा अपना आरोप स्वीकार करनेपर, उन्हें ‘पुलिस’ अभिरक्षामें भेज दिया गया ।
    दुष्कर्मके ऐसे अपराधी कठोर दण्डके पात्र हैं । स्वतन्त्रताका अनुचित लाभ उठानेवाले बच्चोंको भी परिजनद्वारा समय-समयपर, उनके व्यवहारपर ध्यान रखना चाहिए । धर्म शिक्षणका अभाव ही इस पतनका कारण है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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