इमरान खानकी शपथके संग पाकने बनाया आतंकका बडा षडयन्त्र, पंजाब निशाने पर !


अगस्त ९, २०१८

पाकिस्तानमें इमरान खानकी अध्यक्षतामें नवीन शासन बनने जा रहा है और उनके पंजाबसे रहे पारिवारिक सम्बन्धके कारण अच्छे सम्बन्धोंकी आशा की जा रही है; लेकिन पाकिस्‍तानकी इच्छा पहले जैसे ही भयानक हैं ! इमरान खानके शपथ ग्रहणकी तैयारियोंके संग उसने पंजाबमें आतंक फैलानेकी योजना भी बनाई है ! पाकिस्तानने अब ”रेफरेण्डम २०२०” और ‘ऑपरेशन एक्सप्रेस’से पंजाबमें हिंसा फैलानेका षडयन्त्र रचा है ! इसके पीछे सदैवकी भांति पाकिस्तानकी सेना और पाकके गुप्तचर विभाग ‘आइएसआइ’ कार्य कर रहे है । इतना ही नहीं कोटकपूराके बरगाडीमें गुरु ग्रन्थ साहिबका अपमानके प्रकरणमें चल रहे धरनेपर भी ‘आइएसआइ’की दृष्टि है । यहां भी पाकिस्तान गर्मख्यालियोंकी सहायतासे टकराव करानेका षडयन्त्र रच रहा है ।

केन्द्रीय और स्‍टेट इण्टेलीजेंसने इस बारेमें सूचनाएं जुटाई है । पाकिस्तान और अन्य देशोंसे उग्रवादियोंको धन भी दिया जा रहा है ! पाक सेना ‘रेफरेण्डम २०२०’के बहाने कट्टरपन्थियोंको धन उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पंजाब सहित पूरे देश अशान्ति फैलानेके लिए लोगोंकी संवेदनाओंका आश्रय ले रही है । भारतीय गुप्तचर विभागकी ओरसे इसपर एकत्र की गई सूचनाओंके अनुसार पाकिस्तान ऐसा षडयन्त्र रच रहा है !

पंजाबके गुप्तचर विभागोंने इसपर केन्द्रीय गुप्तचर विभागोंसे सम्पर्क कर जानकारियां सांझा की हैं । गुप्तचर विभागोंके अनुसार, पाकिस्‍तान गुप्तचर विभाग ‘आइएसअाइ’का दल इंग्‍लैंण्डमें १२ अगस्तको ‘खालिस्तान’के गठनकी मांगको लेकर हो रहे ‘रेफरेण्डम २०२०’को सफल बनानेके प्रयासमें जुटी है ! इससे अन्तर्राष्ट्रीय मंचपर पंजाबको खालिस्तानके रूपमें भिन्न करनेकी आवाज को और शक्ति मिलेगी । साथ ही इसके बहाने पंजाबी युवाओंको उन्हींके निकटसे तथा विदेशोंमें बैठे कट्टरपन्थियोंकी सहायतासे पंजाब और देशके विरूद्ध प्रयोग करनेका प्रयास किया जाएगा ।

‘रेफरेण्डम २०२०’के मास्टरमाइण्डका नाम चौधरी साहब को बताया जा रहा है । पाकिस्तानी सेनाके सैन्य अधिकारी शाहिद मोहम्मद मलही सहित आठ अधिकारियोंके दलको पंजाबमें अशान्ति फैलानेके कार्यपर लगाया है । इंग्लैण्डमें ‘रेफरेण्डम २०२०’की मांगको लेकर कट्टरपन्थी सिख संगठनोंकी ओरसे हो रही रैलीके लिए भी चौधरीको ही तैनात किया गया है । इस सम्बन्धमें इण्टेलीजेंसको मिली सूचनाके अनुसार बरगाडी व बहिबल कलां काण्डको लेकर चल रहे धरनेपर बैठे लोगोंको निधि उपलब्ध करवाई जा रही है !

चौधरीपर गुरदासपुरके दीनानगरमें २०१५ में हुए आतंकी आक्रमण व २०१६ में पठानकोट एयरबेसपर हुए आक्रमणका मास्टरमाइण्ड होनेका आरोप है । लाहौरके पास रहना वाला चौधरी बलौच रेजीमेण्टमें १९९५ को तैनात हुआ था । २०१२ में उसे सैन्य अधिकारी बना दिया गया था । गुप्तचर विभागोंके अनुसार उसके बादसे ही वह पंजाबके रास्ते भारतमें अशान्ति फैलानेके षडयन्त्रोंमें सम्मिलित रहा है ।


‘इण्टेलीजेंस ब्यूरो’ने पंजाब शासनको एक माह पूर्व ही चेताया था कि पंजाबमें अशान्ति फैलानेके प्रयास पाकिस्तानकी ओर से एक बार फिर नई रणनीतिके अन्तर्गत की जा रही है । मुख्यमत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंहके साथ गत माह आइबी चीफ राजीव जैनकी भेंट भी चंडीगढमें हुई थी । लगभग दो घण्टेसे अधिक चली भेंटमें दोनोंके मध्य क्या-क्या बातें हुई थीं?, इसका आधिकारिक उजागर नहीं किया गया था; लेकिन, इण्टेलीजेंसके सूत्रोंके अनुसार दोनोंकी सुरक्षाको लेकर अहम बातचीत हुई थी । उसके पश्चात पंजाब इण्टेलीजेंसके दल भी ‘रेफरेण्डम २०२०’को लेकर काफी सक्रिय हो गई।


पंजाबमें हिन्दू और सिखोंके मध्य हिंसा भडकानेका भी आइएसआइने षडयन्त्र रचा ! इसके लिए बीते कुछ वर्षोंमें की गई कई धार्मिक हस्तियोंकी हत्याओंके पीछे भी आइएसआइका हाथ होनेके साक्ष्य पंजाब पुलिसको मिले थे । उसके पश्चात इन हत्याओंका उत्तरदायित्व एनआइएको सौंप दी गई । आरोपियोंने पंजाबमें गत वर्षोंमें की गई हिन्दू, सिख व ईसाईकी हत्यासे सम्बन्धित राज भी खोले हैं कि किस प्रकार उन्हें आइएसआइके सरगनाओं व इंग्‍लैंण्ड, जर्मनी, कनाडा सहित करीब छह देशोंसे कट्टरपन्थियोंकी ओरसे धन उपलब्ध करवाया जाता था ।

पंजाबके मुख्यमन्त्री कैप्टन अमरिन्दर सिंहने रेफरेण्डमसे समर्थकोंसे पूछा है कि वे बताएं कि सिख भारतके कौन से राज्यमें अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। मुख्यमन्त्रीने कहा कि ये लोग सिखोंकी धार्मिक भावनाएं भडका कर उनसे पैसा इकट्ठा कर रहे है ! इस प्रकारके रेफरेण्डमसे कुछ होने वाला नहीं है; क्योंकि पंजाबके लोग शान्ति और विकास चाहते हैं । रेफरेण्डम पंजाबको बांटनेका प्रयास है; लेकिन यह कतई सफल नहीं होगा ।

शिरोमणि अकाली दलके वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मन्त्री बिक्रम सिंह मजीठियाने कहा है कि कांग्रेस स्वयम्भू जत्थेदारोंके नेतृत्वमें बरगाडीमें लगाए गए धरनेकी हिमायत करके पूर्व प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधीकी भांति ‘आगसे खेलने’की चूक दोहरा रही है ! उन्होंने कहा कि इस बातके ठोस साक्ष्य हैं कि धरनेके आयोजक राष्ट्र विरोधी तत्वोंके साथ मिले हुए हैं । ये राष्‍ट्र विरोधी तत्‍व पाकिस्तानके गुप्तचर विभाग ‘आइएसआइ’के साथ मिल कर ‘ऑपरेशन एक्सप्रेस’का षडयन्त्र कर रहे हैं और हमारे देशमें अस्थिरता फैलानेके लिए कार्य कर रहे हैं ।

मजीठियाने कहा कि जर्मनीमें रह रहे आतंकी इसके लिए धन भेज रहे हैं । कांग्रेसको समझना चाहिए कि उसकी ओरसे आरम्भ किया गया नाटक उसके हाथोंसे निकल सकता है; क्योंकि, इस धरनेके लिए वही लोग पैसे भेज रहे हैं, जो ‘रेफरेण्डम २०२०’की प्रशंसा कर रहे हैं ।

उधर, खालिस्तान समर्थकोंकी १२ अगस्तको लन्दनमें होने वाली रैलीपर रोक लगानेकी भारत सरकारकी मांगको ब्रिटेनने नकार दिया है । ‘खालिस्तान’की मांगको लेकर लन्दनमें ‘रेफरेण्डम २०२०’ होना है ।

बरगाडीमें स्वयम्भू जत्थेदारोंको विदेशोंसे धन मिलनेके पश्चात जत्थेदारोंमें विवाद पैदा हो गया है । गुप्तचर विभागोंके अनुसार, एक दल सारा पैसा जत्थेदार ध्यान सिंह मण्ड व जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवालके पास रखनेसे नाराज है ।

स्रोत : जागरण



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution