अगस्त २४, २०१८
बर्लिनके पश्चात अब लन्दन से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघपर कटाक्ष किया है । उन्होंने अरब देशोंके ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’से इसकी तुलनाकी है !
लन्दन स्थित ‘थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’में लोगोंको सम्बोधित करते हुए राहुल गांधीने कहा, “आरएसएसकी सोच अरब देशोंके मुस्लिम संगठन ‘ब्रदरहुड” जैसी है । आरएसएस भारतकी प्रकृतिको बदलनेका प्रयास कर रहा है । अन्य दलोंने भारतकी संस्थाओंपर आधिपत्य करनेके लिए कभी प्रहार नहीं किया; लेकिन आरएसएस कर रहा है !”
शुक्रवारको कांग्रेस अध्यक्षने नोटबंदीके निर्णयको भी आरएसएसका निर्णय बताया । उन्होंने कहा, ‘”नोटबंदीका विचार वित्तमन्त्री और आरबीआईको उपेक्षित करके सीधे आरएसएस से आया और प्रधानमन्त्रीके मस्तिष्कमें बैठा दिया गया । यदि आप अपने देशके ढांचेको समझते हैं, तो आप सन्तुलित शक्तिका प्रयोग करेंगे । आज मैं भारतको अपनी शक्ति बढाते नहीं देख पा रहा हूं । वर्ष १९४७ में पश्चिमको भारतपर विश्वास नहीं था; लेकिन भारतने पश्चिमको अनुचित सिद्ध कर दिया । हमें सफलता इसलिए मिली; क्योंकि सहस्त्रों लोगोंने संस्थाओंका निर्माण किया और यही वो संस्थाएं हैं, जिनपर आज प्रहार हो रहे हैं ।”
इससे पहले बर्लिनमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने आरएसएस और भाजपापर प्रहार किया था । उन्होंने कहा था कि भाजपा और कांग्रेसमें विचारधाराका अन्तर है । आरएसएसमें कभी आपको कोई महिला नहीं दिखेगी । वो लोग महिलाओंके साथ भेदभाव करते हैं; लेकिन कांग्रेसमें ये आपको नहीं दिखेगा । उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस देशको विभाजित करनेका प्रयास कर रहे हैं, वो लोग घृणा फैला रहे हैं ।
आरएसएसके प्रवक्ता राजीव तुलीने उत्तर दिया कि राहुल गांधीको दिन-रात आरएसएसके स्वप्न आते हैं । उन्हें हमारी चिन्ता न करते हुए अपने दलकी चिन्ता करनी चाहिए । तुलीने कहा कि आरएसएसके स्वप्न देखनेके कारण राहुल गांधीका दल ४४ सीटोंपर आ गया ! कहीं ऐसा न हो कि अगले लोकसभा मतदानमें और भी अल्प हो जाएं !
कौन है मुस्लिम ब्रदरहुड ?
मुस्लिम ब्रदरहुड एक सुन्नी इस्लामिक कट्टरपन्थी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष १९२८ में मिस्रमें हुई थी । मिस्र सहित कई अरब देशोंमें सत्ता परिवर्तनके लिए होने वाले विद्रोहके लिए इसी संगठनको ही उत्तरदायी माना जाता है ।
स्रोत : आजतक
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