राहुल गांधीका असत्य हुआ उजागर, नहीं हुई पर्रिकरसे राफेल सन्धिपर कोई बात !!


जनवरी ३०, २०१९

उच्चतम न्यायालयके निर्णयके पश्चात भी राहुल गांधी राफेल डीलको लेकर भ्रामक प्रचार करनेसे पीछे नहीं हट रहे हैं । अति तब हुई, जब गम्भीर रोगसे जूझ रहे गोवाके मुख्यमन्त्री मनोहर पर्रिकरका हालचाल जानने राहुल गांधी उनके घर पहुंचे । वहांसे निकलनेके पश्चात राहुल गांधीने राफेलको लेकर अनर्गल वक्तव्य देने आरम्भ कर दिए ।

राहुल गांधी और सोनिया गांधी गत दिवसोंमें गोवाके निजी भ्रमणपर थे । २९ जनवरीको राहुल गोवाके मुख्यमन्त्री मनोहर पर्रिकर, जो कि इन दिनों गम्भीर रोगसे पीडित चल रहे हैं, उनके स्वास्थ्यको जानने उनके घर पहुंचे । जब वे पहुंचे तो उनके तथा कांग्रेसकी ओरसे कहा गया कि वे पार्रिकर साहबके स्वास्थ्यके बारेमें जानने गए हैं ।

मनोहर पर्रिकरसे भेंटके पश्चात राहुल गांधीने केरलके कोच्चिमें पार्टीकी एक रैलीको सम्बोधित किया । यहां अपने भाषणमें उन्होंने पार्रिकरसे भेंटका उद्देश्य बताया । रैलीमें उन्होंने कहा, “मित्रों, पूर्व रक्षा मन्त्री श्री पार्रिकरने स्पष्ट रूपसे कहा कि अनिल अंबानीको लाभ पहुंचानेके लिए मोदीजीकी नूतन राफेल सन्धिसे उनका कोई लेना-देना नहीं है ।”

राहुलके इस असत्य वाचनसे पार्रिकरने तुरन्त उन्हें एक पत्र लिखकर कहा, “मुझे लगता है कि आपने अपने निम्न स्तरके राजनीतिक लाभके लिए इस भेंटका प्रयोग किया है । हमारी ५ मिनटकी भेंट हुई । इस मध्य न मैनें राफेलका वर्णन किया और न ही आपने ।”

इसके पश्चात बीजेपीके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाहने ‘ट्वीट’कर कहा, “राहुल गांधी, आपने एक रोगी व्यक्तिसे भेंटके नामपर असत्य बोलकर दिखा दिया कि आप कितने संवेदनशील हैं । आपके इस व्यवहारसे देश घृणा करता है ।”

 

उल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्रके समय उन्होंने एक फर्जी ध्वनि मुद्रण चलाकर दावा किया था कि इसमे गोवाके मन्त्री नारायण राणे और मनोहर पर्रिकरकी ध्वनि है और राफेल सन्धिकी पूर्ण जानकारी राणे और श्री पार्रिकरको है । यद्यपि, वे इसे प्रमाणित करनेसे पीछे हट गए थे और अब वह कह रहे हैं कि पार्रिकर साहबके पास इससे जुडी कोई जानकरी नहीं थी ।

श्री पार्रिकर इस समय एक गम्भीर रोगसे पीडित चल रहे हैं और इस समय वो अपनी नाकमें नली लगाकर जनहितको सबसे आगे रखते हुए अपने उत्तरदायित्व निभा रहे हैं ।

 

“कैसे कोई व्यक्ति किसी गम्भीर रोगसे पीडित व्यक्तिका राजनीतिक स्वार्थके लिए उपयोग कर सकता है ? यह कांग्रेस और राहुल गांधीकी ओछी मानसिकताका ही परिचायक है ! प्रधानमन्त्री बननेके लिए राहुल इतने उद्विग्न क्यों है ? उसके लिए योग्यताकी आवश्यकता होती है, यदि कांग्रेसने वो पहले ही दिखाई होती तो किसी अन्य दलकी आवयकता ही क्या थी ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ईपोस्टमोर्टम



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