१६ मासतक मौलवी रोशनने चेलोंके साथ किया महिलाका बालात्कार 


०६ मार्च, २०२१
     राजस्थानके आऊवामें एक पाखण्डी मौलवीका दुष्कृत्य सामने आया है । रोशन बाबा नाम रखकर लोगोंको धनवान बनानेका प्रलोभन देनेवाले इस पाखण्डीका मूल नाम साजिद सिद्दिकी है । पुलिसने साजिदके अतिरिक्त इस प्रकरणमें एक कथित मौलवी वसील कादरी और साजिदके चेले आरिफ व राजूको भी बन्दी बना लिया है ।
     साजिदपर आरोप है कि १६ मासतक इसने और इसके चेलेने एक महिलाके साथ दुष्कर्म किया, उससे ४५ लाख रुपयेकी लूट की और उसके १० वर्षके पुत्रकी हत्या करनेके लिए उसे अत्यधिक उकसाया । मौलवीने पीडीतासे कहा कि यदि वह अपने पुत्रकी बलि देगी, तो वह लौटकर आ जाएगा । साथ ही उसके घरसे मिले पत्थर भी स्वर्णमें बदल जाएंगे, जिससे वह धनी हो जाएगी ।
     पुलिस अधीक्षक कालूराम रावतने बताया कि पीडिता गांवमें अपने दस वर्षके पुत्रके साथ एकाकी रहती है । उसका पति दक्षिण भारतमें व्यापार करता है । उसका पति कुछ दिन पूर्व ही वहांसे लौटा है, जब पीडिताने अपने पतिको स्वयंके साथ हुई घटना और ठगीके विषयमें बताया । इसके पश्चात उन्होंने पुलिसमें परिवाद प्रविष्ट कराया । घटनाको गम्भीरतासे लेकर इसकी जांच सोजतके पुलिस उपाधीक्षक डॉ. हेमंत जाखडको दी गई । पीडिताने उन्हें बताया कि साजिद और उसका शिष्य, दोनों उसके घरमें आकर ‘जादू-टोने’ करते थे और उसकेद्वारा उसका वशीकरण कर लेते थे ।
     जब वह अचेत अवस्थामें होती, तो वे उसे नग्नकर उसके साथ दुष्कर्म करते । जब चेतन अवस्थामें आनेपर पीडिता इसका विरोध करती तो उसे ‘पिस्तौल’ दिखाकर प्राण लेनेकी धमकियां देते । पीडिता कहती है कि आरोपितने अपने एक अन्य शिष्यको ‘क्राइम इंस्पेक्टर’ बता रखा था । वह उसे बन्दी बनानेकी धमकी देकर डराता था ।
    वर्तमानमें अनेक मौलवी हिन्दू युवतियों व महिलाओंको डराकर तथा फंसाकर उनके साथ दुष्कर्म करते हैं, उनके साथ लूट करते हैं । ऐसे व्यक्तियोंको त्वरित ही पुलिसद्वारा बन्दी बनाना चाहिए । और उनको कठोर दण्ड देना चाहिए और हिन्दुओंको भी ऐसे लोगोंसे सतर्क रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution