चिकित्सक मोहम्मद अबीर अपने छात्रके साथ अधिक मूल्यपर विक्रय रहा था औषधि
२३ अप्रैल, २०२१
राजस्थानके उदयपुरके एकलिंगपुरा चौराहा क्षेत्रसे २१ अप्रैल २०२१ को पुलिसने कोरोना उपचारमें प्रयुक्त ‘इंजेक्शन’ रेमडेसिविरकी ‘कालाबाजारी’ करते दो व्यक्तियोंको बन्दी बना लिया । इनमेंसे एक आरोपी चिकित्सक मोहम्मद अबीर गीतांजलि चिकित्सा महाविद्यालयमें हृदयरोग विशेषज्ञ है तथा दूसरा गीतांजलि चिकित्सा महाविद्यालयका द्वितीय वर्षका छात्र मोहित पाटीदार है ।
कोरोनासे पीडित किसी रोगीके परिजनसे पुलिसको यह सूचना प्राप्त हुई थी । उदयपुर पुलिसने अपने ही एक पुलिसकर्मीको ग्राहक बनाकर आरोपियोंके पास भेजा । आरोपियोंने २८०० रुपयेके ‘रेमडेसिविर इंजेक्शन’को ३५००० में विक्रय करनेका निश्चित किया ।
इस महामारीमें जब अनेक लोग मृत्युको प्राप्त हो रहे हैं, ऐसी विपदामें भी कुछ दुष्ट धनकी लालसामें घोर अपराध कर रहे हैं । चिकित्सकका कर्तव्य प्राणरक्षा करना होता है । चिकित्सक तथा उसी क्षेत्रके विद्यार्थीद्वारा घोर आपदामें सहायता न कर धनकी लालसामें रोगीके परिजनको लूटना घृणास्पद है । इन्हें कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply