राजदीपपर कार्यवाहीसे अत्यन्त कष्टमें ‘लिबरल’ समुदाय, कहा अपने सभी ‘एंकरों’पर ‘एक्शन’लोगे तो बहुत धन बचेगा


३० जनवरी, २०२१
राजदीपपर कार्यवाहीसे अत्यन्त कष्टमें ‘लिबरल’ समुदाय, कहा अपने सभी ‘एंकरों’पर ‘एक्शन’लोगे तो बहुत धन बचेगा
     राजदीप सरदेसाईके विरुद्ध ‘इंडिया टुडे’की कार्यवाहीसे ‘लिबरल’ गुट  बिलबिला उठा है । एक ओर जहां  राजदीपने स्वयं इस ‘एक्शन’से पीडित  होकर अपना त्यागपत्र  समूहको सौंप दिया है । वहीं उनकी पत्नी सागरिका घोष सहित  कई ‘कॉमरेड’भी उनके समर्थनमें उतरे हैं ।
     गणतन्त्र दिवसपर ‘ट्रैक्टर’ पलटनेसे एक किसान प्रदर्शनकारीकी मृत्यु हुई और राजदीपने प्रामाणिकता जांचे बिना यह फैला दिया कि उस किसानकी मृत्यु पुलिसकी गोली लगनेसे हुई है । सागरिकाने अब अपने पति राजदीपका इसी कोणपर बचाव करते हुए कहा है कि कैसे ‘डेवलवपिंग स्टोरी’में सच्चाई प्रत्येक घण्टे परिवर्तित होती है ।
          इसी प्रकार निखिल वागले लिखते हैं, “अब इंडिया टुडे देखनेका एक माहतक कोई अर्थ नहीं है, जब सबसे विश्वसनीय ‘एंकर’ही ‘ऑफ एयर’ किया जा चुका हो । दर्शकोंको भी ‘ब्रेक’ लेना चाहिए ।”
     ‘ऑल्ट न्यूज’ संस्थापक प्रतीक सिन्हा लिखते हैं ‘इंडिया टुडे’ समूह अपने वेतन बिलपर बहुत बचत कर सकता है यदि वे असत्य सूचनाके लिए समाचार एंकरों / पत्रकारोंको दण्डित करनेकी अपनी नीतिको लागू करनेमें सातत्य रखें !
     बता दें कि ‘इंडिया टुडे’के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाईको आज ‘इंडिया टुडे’ समूहके प्रबन्धनने दो सप्ताहके लिए ‘ऑफ एयर’ कर दिया । इसके अतिरिक्त उनका एक माहका पारिश्रमिकभी काटे जानेका निर्णय लिया गया । सरदेसाईपर यह कार्यवाही ‘सोशल मीडिया’पर उनके कुछ ‘पोस्ट्स’को लेकरकी गई । इसके पश्चात उनके त्यागपत्र देनेकी बात सामने आई और ‘लिबरल’ ‘समूह सोशल मीडिया’पर उनके लिए दुःखी दिखा ।
        जब सत्य समाचार दिखानेपर भी मात्र असत्य समाचारके आरोपोंपर अर्नब गोस्वामीपर ये समूह आक्रामक हो जाता है तो राजदीपके स्पष्ट रूपसे असत्य समाचारको प्रसारित करनेपर उसके बचावमें क्यों है ? स्पष्ट है कि ये पूर्वाग्रहसे ग्रसित हैं । सभी हिन्दू इन जैसोंकी वास्तविकताका अभिज्ञान करें और इनसे सतर्क रहें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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