मतदानके पश्चात कांग्रेसका वास्तविक हिन्दूद्रोही रूप उजागर, पाठ्यक्रममें महाराणा प्रतापके आगे ‘महान’ हटाया, अकबरका होगा गुणगान !


मई १५,, २०१९

स्वतन्त्रताके अमर हुतात्मा वीर सावरकरके पश्चात अब राजस्थान कांग्रेस शासन धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप “महान”के विरुद्घ खडा हो गया है । राजस्थान शिक्षा मण्डलके (बोर्डके) नूतध पाठ्यक्रममें महाराणा प्रतापके नामके आगेसे महान शब्द हटा दिया है और उसी राजस्थानकी पुस्तकोंमें अब महाराणा प्रताप क्रूर मुगल आक्रान्ता अकबरका गुणगान किया जाएगा !

 

उल्लेखनीय है कि राजस्थानके अशोक गहलोत शासनने हिन्दुस्तानके गौरव, हिन्दुस्तानकी पहचान तथा प्रेरणा, वीरता, स्वाभिमान तथा शौर्यके प्रतीक धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप “महान”के गौरवशाली इतिहासका अपमान किया है । राजस्थानके गत बीजेपी शासनने पाठ्यक्रमकी पुस्तकोंमें महाराणा प्रतापके आगे महान शब्द जोडा तथा उन्हें हल्दी घाटी युद्धका विजेता बताया था; परन्तु अब कांग्रेसने महाराणा प्रतापके आगेसे महान शब्द हटा दिया है तथा अकबरका गुणगान किया गया है ।

 

राजस्थान शिक्षक बोर्डकी १२वीं कक्षामें पढाया जाएगा कि हल्दीघाटीके युद्धमें महाराणा प्रतापको पराजयका मुख देखना पडा था ।

 

जैसे-जैसे मतदानके चरण समाप्त होने लगे हैं, कांग्रेसका वास्तविक स्वरूप सामने आने लगा है । वास्तवमें गौहत्याको बढावा देनेवाली, स्वतन्त्रता सेनानियोंका अपमान करनेवाली हिन्दू द्रोही कांग्रेसका यहीं स्वरूप है; परन्तु कुछ झूठे वचनोंके लालचमें हिन्दू इन्हें राजस्थान और मध्यप्रदेशकी भांति केन्द्रकी सत्तामें लाकर बैठा दें; इसलिए ही वह हिन्दुत्वका नाटक चल रहा था; परन्तु विचित्र बात यह है कि कांग्रेस यह सब वीरोंकी भूमि राजस्थानमें कर रही है, इससे स्पष्ट होता है कि हिन्दुओंकी क्षात्रवृत्ति अब समाप्त हो चुकी है, तभी तो हिन्दू द्रोही दल ऐसा दुष्कृत्य कर पा रहे हैं ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 


स्रोत : सुदर्शन न्यूज

 



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