रेड्डी शासनने किया हिन्दुओंके साथ विश्वासघात, ४०० वर्ष प्राचीन राममूर्तिका शीश पृथक किया


०५ जनवरी, २०२१
        आंध्र प्रदेशके पूर्व मुख्यमन्त्री चन्द्रबाबू नायडूने शनिवार, २ जनवरीको वर्तमान जगन रेड्डी शासनपर हिन्दुओंसे विश्वासघात करते हुए मन्दिरोंपर आक्रमण और धर्मान्तरणको बढावा देनेके आरोप लगाते हुए कहा कि विशाखापट्टनममें रामतीर्थ पहाडीपर श्री कंदापानी मन्दिरमें भगवान रामकी ४०० वर्ष प्राचीन मूर्तिका शीश ‘धड’से पृथक कर दिया गया, पूजा स्थलोंपर आक्रमणकी निरन्तर होती घटनाओंका एक और नूतन उदाहरण है ।
        नायडूने विजयनगरम जनपदके रामतीर्थममें एक सभाको सम्बोधित करते हुए कहा, “जगन रेड्डी ईसाई हो सकते हैं; परन्तु वह अपनी शक्तिका प्रयोग हिन्दुओंको धर्मान्तरित करनेके लिए कर रहे हैं, यदि सत्तामें लोग धर्मान्तरणका आश्रय लेते हैं, तो यह विश्वासघात कहलाता है । धार्मिक असहिष्णुता दिखाते हुए उपद्रवियोंने भगवान राम व सुब्रह्मण्यम स्वामीकी मूर्तिके साथ तोडफोड की; परन्तु रेड्डी शासन दोषियोंको पकडनेके लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है; क्योंकि मुख्यमन्त्री ईसाई हैं ।” उन्होंने कहा कि पिछले १९ माहमे मन्दिरों, मूर्तियों और पुजारियोंपर १२७ से अधिक आक्रमणोंमें अबतक एकभी आरोपीको नहीं पकडा गया ।
        ऐसा दृष्टिगत होता है कि मुख्यमन्त्रीकी दृष्टिमें हिन्दू धर्मकी भावनाओंका कोई महत्त्व नहीं हैं; परन्तु जिन दुष्टोंने मूर्तिसे तोडफोड की और जो लोग दोषियोंको बचानेका प्रयास कर रहे हैं, उन्हें भगवानके क्रोधका सामना करना पडेगा ।
      जानकारीके अनुसार, कालान्तरमें आंध्र प्रदेशके राजमुन्द्रीके विघ्नेश्वर मन्दिरमें भगवान सुब्रह्मण्येश्वर स्वामीकी प्रतिमाको भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया । राजमुंद्रीको आंध्रकी सांस्कृतिक राजधानी भी कहते हैं; परन्तु लोगोंका कहना है कि यहां ईसाई ‘मिशनरियों’का बोलबाला है ।
        सभी हिन्दुओंको मिलकर रेड्डी शासनके विरोधमें अपना विरोध प्रविष्ट करते हुए उचित न्याय व कार्यवाहीकी मांग करनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution