अक्तूबर १५, २०१८
ननसे दुस्कर्मके आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कलको जमानत मिल गई है ! केरल उच्च न्यायालयने सोमवारको रोमन कैथलिक पादरी मुलक्कलको सशर्त जमानत दी । न्यायमूर्ति राजा विजयराघवनने मुलक्कलकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि वह अपना पासपोर्ट अधिकारियोंके पास जमा कर दें और हर दो सप्ताहमें एक बार शनिवारके दिन जांच अधिकारीके समक्ष प्रस्तुत हों । इसके अतिरिक्त कभी केरलमें न आए । आपको बता दें कि इस प्रकरणमें आरोप-पत्र प्रविष्ट किए जाने तक मुलक्कलपर यह शर्तें प्रभावी रहेंगी । इससे पूर्व ३ अक्तूबरको उच्च न्यायालयने मुलक्कलकी जमानत याचिका अस्वीकृत कर दी थी । उस समय न्यायालयने अभियोजनकी यह बात स्वीकार कर ली थी कि समाजमें ऊंचा दर्जा रखने वाला यह आरोपी जमानत दिए जानेपर इस प्रकरणके साक्ष्यको प्रभावित करनेका प्रयास करेगा ।
ननसे कई बार दुष्कर्म और यौन शोषण करनेके आरोपी मुलक्कल अभी कोट्टायमके पालाके एक उप-कारावासमें बंद हैं । एक जिला न्यायालयकी ओरसे अपनी न्यायिक हिरासत अवधि बढाए जानेके पश्चात उन्होंने पुनः उच्च न्यायालयमें जमानतकी याचिका दी । पुलिसने आरोपी पादरीकी जमानत याचिकाका विरोध किया और कहा कि इस प्रकरणमें जांच अभी चल रही है ।
“कैसे हिन्दू सन्तोंको निर्दोष होते हुए भी ‘पोस्को’ लगाकर कारावासमें रखा जाता है और धर्मान्धोंको जमानतपर छोडा जाता है, इससे ही इस निधर्मी लोकतन्त्रकी तथाकथित समानता व न्यायप्रणालीका सत्य उद्भासित होता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : एनडीटीवी
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