आतंकी प्रशिक्षणके लिए युवाओंको सीमा पार भेजने वाला राष्ट्रद्रोही डिप्टी जेलर बन्दी बनाया !


अगस्त १९, २०१८

आतंकी प्रशिक्षणके लिए युवकोंको सीमा पार भेजनेकी श्रीनगर सेण्ट्रल जेलमें षडयन्त्र करनेके अपराधमें जम्मूके अम्बफला प्रान्त जेलके डिप्टी सुपरिटेंडेण्ट फिरोज अहमद लोनको एनआईएने जम्मूसे बन्दी बना लिया है । लोन इससे पूर्व श्रीनगर सेण्ट्रल जेलमें तैनात था । उसे बुधवारको रिमाण्डके लिए ‘एनआईए’ न्यायालयमें प्रस्तुत किया जाएगा । इसके साथ ही एक अन्य षडयन्त्रकारीको भी ‘एनआईए’ने बन्दी बनाकर दस दिवसकी रिमाण्डपर लिया है ।

‘एनआईए’ने अपनी जांचमें पाया कि श्रीनगरके सेण्ट्रल जेलमें तत्कालीन डिप्टी जेल सुपरिटेंडेण्ट फिरोज अहमद लोन, इशाक पल्ला तथा दो युवाओं सुहैल अहमद भट व दानिश गुलाम लोनके मध्य कारावास परिसरमें २५ अक्टूबर २०१७ को बैठक हुई, इसमें युवकोंको प्रशिक्षणके लिए सीमा पार भेजनेका षडयन्त्र रचा गया । शोपियांका पल्ला विभिन्न प्रकरणोंमें कारावासमें था, जो मुख्य षडयन्त्रकारी रहा । कुपवाडा पुलिसने ३० अक्टूबरको सीमाके निकट सुहैल और दानिशको बन्दी बनाया । पूछताछमें उन्होंने पीओकेमें आतंकी प्रशिक्षण लेने जानेकी बात स्वीकार की । ‘एनआईए’के अनुसार पकडे जानेसे पूर्व युवक ब्लैकबेरी सन्देशवाहककेद्वारा एक दूसरेके सम्पर्कमें थे ।

इसके बाद ‘एनआईए’ने अभियोग संख्या ‘आरसी-०७/२०१८ के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट करते हुए जांच आरम्भ की । पल्ला तथा बडगाम निवासी फिरोज दोनोंको मंगलवारको एनआईएने बन्दी बना लिया । अधिकारोंका दुरुपयोग करते हुए देश विरोधी गतिविधियोंके लिए फिरोजने कार्य किया । अभियोग प्रविष्ट होनेके पश्चात फिरोजका स्थानान्तरण जम्मूमें कर दिया गया था । सूत्रोंका कहना है कि दोनों युवक ‘जैश’से जुडे हुए थे !

लश्करके आतंकी नवीद जट्टके छह फरवरीको फरार होनेमें भी एनआईए डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेण्ट से पूछताछ कर रही है । नवीद जटके भागने के पश्चात २१ फरवरीको ‘एनआईए’ने प्रकरण प्रविष्ट किया । एनआईएको आशंका है कि नवीद जटको भगाने में भी जेलके कुछ अधिकारियोंकी मिलीभगत है । नवीदको उपचारके बहाने चिकित्सालय भेजा गया और कुछ सुरक्षाकर्मियोंपर गोलीबारी भी की गई । जेल से आपत्तिजनक सामान व लिखितपत्रमें नवीद जटके पोस्टर भी बरामद किए गए थे ।

‘एनआईए’द्वारा पकडे गए डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेण्ट फिरोज अहमद लोन और मुख्य षडयन्त्रकारी इशाक पालाकी मिलीभगत से जेलमें आतंकी समर्थकोंका कार्य चल रहा था । एनआईएने बताया कि दोनोंके सम्पर्क अल बदर आतंकी संगठन से हुए । अल बदरके लिए नूतन आतंकी तैयार करनेका उत्तरदायित्व उन्हें सौंपा गया था ।

इस मध्य हिजबुल मुजाहिदीनके मुख्य रियाज नायकूके सम्पर्कमें भी यह दोनों आए । नियाजने पाक प्रशिक्षित आतंकी सुहैल अहमद भटको कारावासमें बंद आतंकियोंको सीमा पार भेजनेका उत्तरदायित्व सौंपा । दानिश गुलाम लोन हत्याके एक अभियोगमें पहले से ही कारावासमें बंद था ।

हिजबुलके कार्योंकी सूचना सुरक्षाबलोंको नहीं लग पाए, इसके लिए भटने डिप्टी सुपरिंटेंडेण्ट से सांठगांठ की । दोनों आतंकियोंको सीमा पार करते समय सुरक्षबलोंने पकडा था । ‘एनआईए’ने १३ मई २०१८ को श्रीनगर सेण्ट्रल जेलमें छापा मारा । छापेके समय लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और पाकिस्तानके ध्वज भी पाए गए ।

स्रोत : अमर उजाला



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