जुलाई २, २०१८
गत ‘योग दिवस’से पूर्व प्रधानमन्त्रीका योग करते हुए ‘वीडियो’ सामने हुआ था । ‘वीडियो’को लेकर सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर लोगोंकी प्रतिक्रियाएं आई थीं । कुछ लोगोंने ‘चाचा नेहरू’के कथित शीर्षासनकी ‘ब्लैक एण्ड व्हाइट’ चित्र निकालकर मोदीके योग वाले चित्रसे तुलना की थी । प्रधान्मन्त्रीका योग वाला ‘वीडियो’ समाचार प्रसार वाहनियोंमें भी बहुत चला था । शनिवारको (३० जून) मोदीके योग वाले ‘वीडियो’पर ‘इण्डिया स्कूप्स डॉट कॉम’ नामक जालस्थलने अंग्रेजीमें स्टोरी प्रकाशित की । इसमें मोदीके योग वाले वीडियो और योग दिवसपर व्ययकी गई अनुमानित शासकीय राशि बताई गई । कांग्रेस नेता शशि थरूरने अपनी चिर-परिचित अंग्रेजीमें लेख लिख जालस्थलके समाचारका सन्दर्भ ‘ट्वीट’ कर दिया । इस पर केन्द्रीय राज्यमन्त्री राज्यवर्धन सिंह राठौरने ‘रीट्वीट’ कर उन्हें उत्तर भी दे दिया । शशि थरूरने सन्देशमें लिखा कि योग दिवसके विज्ञापनके लिए २० कोटि रुपये और मोदीके ‘वीडियो’के लिए ३५ लाख रुपये अपव्यय करना शर्मनाक है । यह शासन केवल दिखावेका है । प्रचार उनकी आशाओंका विकल्प मात्र है, वे आशाएं, जिन्हें वे नष्टकर चुके हैं !
इस पर खेल मन्त्री राज्यवर्धन सिंह राठौरने शशि थरूरको उत्तर दिया । राठौरने ‘रीट्वीट’में लिखा कि श्रीमान शशि थरूर आश्चर्यचकित नहीं हूं कि असत्य आपके तथ्योंके विकल्पके रूपमें है । प्रधानमन्त्रीके स्वास्थ्यके सन्दर्भमें कोई व्यय नहीं किया गया था । यह ‘पीएमओ’के वीडियोग्राफरकेद्वारा रिकॉर्ड किया गया था । यह लेख अफवाहके ठोस साक्ष्यके आधारपर लिखा गया है और मैं आपको आश्वस्त करता हूं श्रीमान, इस कार्यके लिए एक पैसा नहीं व्यय किया गया, ३५ लाखकी तो बात छोडिए ।
बता दें कि २१ जूनको आयोजित किए गए ‘योग दिवस’पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र शासनके मन्त्रीमण्डलके कई नेताओंने योग कार्यक्रमोंमें भाग लिया था । प्रधानमन्त्री मोदीके वे चित्र भी सामने आ गए । शशि थरूर और राज्य वर्धन सिंह राठौरके ‘ट्वीट्स’पर लोगोंकी कई प्रतिकियाएं आई हैं । एक उपभोक्ताने शशि थरूरको लिखा है कि मुझे आपसे ‘असत्य प्रचारकी आशा नहीं थी । लेखमें स्पष्ट कहा गया है कि ३५ लाखकी पुष्टि करनेके लिए कोई उद्गम नहीं बताया गया है ।
स्रोत : जनसत्ता
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