पूर्व ‘रॉ एजेंट’को रहनेके लिए भी स्थान नहीं, निर्धन अवस्थामें जीवनयापन करनेको विवश है एक वीर गुप्तचर


१५ फरवरी, २०२१
      दैनिक हिन्दुस्तानके समाचार अनुसार, एक पूर्व भारतीय गुप्तचर, जिनका नाम मनोरंजन दीक्षित है, उन्होंने ‘डीएम’ कार्यालय जाकर एक अधिकारीसे कहा कि वे पूर्वमें ‘रॉ एजेंट’ थे; उन्हें रहने हेतु स्थान चाहिए । यह सुनकर वहां उपस्थित लोग चकित रह गए ।
      मनोरंजन दीक्षितने बताया कि वे भारतकी ओरसे पाकिस्तानमें गुप्तचर थे । उन दिनों वे वहां यूनुस, यूसुफ, इमरान आदि नामोंसे निवास करते थे । ‘रॉ’में ८० के दशकमें अन्य प्रशासनिक सेवाओंके समान नियुक्ति होती थी । मनोरंजनको १९८५ में नजीबाबादसे योग्यताके आधारपर ‘भर्ती’ किया गया था । सैन्य प्रशिक्षण देकर उन्हें पाकिस्तान भेजा गया था । उन्होंने अनेक महत्त्वपूर्ण सूचनाएं पाकिस्तानसे ज्ञात करके भारतको साझा की थीं । अफगानिस्तान सीमापर उन्हें १९९२ में बन्दी बनाकर कराची कारागृहमें रखा गया था । अनेक यातनाएं दी गई थीं; परन्तु उन्होंने देशके लिए यातनाएं भी सहन की । गुप्तचर विभाग दूसरे देशमें अपने गुप्तचरके पकडे जानेपर कभी भी उसे अपना भेजा हुआ गुप्तचर नहीं बताता । मनोरंजनके साथ भी यही हुआ था । पाकिस्तानद्वारा उन्हें २००५ में बाघा सीमापर मुक्त किया गया था । भारत आनेपर उन्होंने विवाह किया । पत्नीकी कर्करोगसे मृत्यु हो गई । उसके उपरान्त २०१३ से वे गोमतीनगर विस्तारमें ‘स्टोर कीपर’के रूपमें चाकरी कर रहे थे । ‘कोरोना’ कालमें हुई गृहबन्दीमें उनकी चाकरी चली गई । पाकिस्तानसे आनेपर प्रारम्भमें उन्हें कुछ ‘रॉ’ अधिकारियोंने वित्तीय सहायता की थी; परन्तु उसके उपरान्त वे सहायतासे वञ्चित ही रहे ।
     यह लज्जाका विषय है कि देशकी सेवा कर चुके लोगोंके प्रति हमारी यह कृतज्ञता है ! नेताओंको कुछ न करनेपर भी राजसी सुविधाएं और जिन्हें अपेक्षित है, उनके पास रहनेको भी नहीं है, यह लज्जाका विषय है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इंडिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution