चुनावी ‘टिकट’का वचन देकर लिए ५ कोटि (करोड), तत्पश्चात अस्वीकार किया, तेजस्वी व मीसाके विरुद्ध कांग्रेसी नेताने किया परिवाद
२० सितम्बर, २०२१
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादवके पुत्र, तेजस्वी व पुत्री मीसा सहित, ६ व्यक्तियोंके विरुद्ध पटना नगर न्यायालयने परिवाद प्रविष्ट करनेका आदेश पारित किया है ।
कांग्रेसके नेता व अधिवक्ता संजीव कुमार सिंहका आरोप है कि लोकसभा चुनावके समय प्रत्याशी बनाने हेतु, उनसे तेजस्वीने ५ कोटि (करोड) धनराशि मांगी एवं धन लेकर उन्हें लोकसभाका प्रत्याशी नहीं बनाया गया; वरन उन्हें विधानसभामें प्रत्याशी बनानेका वचन दिया गया । वहां भी उनके साथ छल हुआ । उन्हें गोपालपुरसे तथा उनके भाईको रुपौलीसे प्रत्याशी बनानेका वचन दिया गया था । संजीव कुमारने तेजस्वी, उनकी बहन मीसा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, राजेश राठौर सहित, ६ लोगोंपर उन्हें ठगनेका आरोप लगाया है । १६ सितम्बर २०२१ को न्यायालयने पटना ‘पुलिस थाने’में, उक्त परिवाद प्रविष्ट करनेका आदेश दिया है ।
बिहार शासनके मन्त्री नितिन नवीनने कहा, “धन लेकर प्रत्याशी बनानेकी ‘आरजेडी’की पुरातन संस्कृति रही है ।” उन्होंने तेजस्वीसे क्षमायाचना करनेको कहा ।
अनेक राजनीतिक पक्षोंका यह चरित्र रहा है कि वे धन लेकर चुनावमें प्रत्याशी बनाते हैं । ‘बसपा’ एवं ‘आरजेडी’ ही क्या ? कांग्रेसमें भी ऐसी सम्भावनाओंको नकारा नहीं जा सकता । जो राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियोंसे ही छल करते हैं, वे जनताके साथ कितना छल करते होंगे ? यह तथ्य विचारणीय है; अतः अब इस निकृष्ट लोकतन्त्रके स्थानपर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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