मार्च १, २०१९
भारतके सिंह वायुसेनाके अधिकारी अभिनंदन देश वापस आ चुके हैं । उन्होंने केवल भारतमें ही नहीं, वरन विश्व भरमें अपना नाम कमा लिया है । भारतके अतिरिक्त रुस, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन जैसे बडे देशोंमें अभिनंदनकी बातें की जा रही हैं ।
अभिनंदनने द्वितीय संततिके (जेनरेशनके) लडाकू विमान ‘मिग-२१’से उन्होंने चतुर्थ संततिके अमेरिकी विमान ‘एफ-१६’को नष्ट किया था । उनकी इस वीरताने सबको अचम्भित कर दिया ! इस घटनासे रुसमें अधिक हलचल है । रुसके राष्ट्रपित व्लादिमीर पुतिन भी विंग कमांडर अभिनंदनकी तीव्र बुद्धिके प्रशंसक हो गए हैं ।
यह प्रत्येकके वशमें नही हैं । जिस बारेमें कोई सोच नहीं सकता था, उसे एक भारतीय सैनिकने कर दिखाया है । इस घटनासे रुसको भी अब अमेरिकापर मनोवैज्ञानिक बल मिला है । रुसके राष्ट्रपति भारतके इस शौर्यसे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने प्रधानमन्त्री मोदीसे बात भी की है और इस बातकी चर्चा भी हुई कि मिगसे ‘एफ-१६’को उडाया गया है । इसमें पाकिस्तानमें जितनी हडकम्प मची है, अमेरिकामें भी गतिविधियां बढ गई हैं । ऐसे इसलिए क्योंकि ‘एफ-१६’ उसका जेट था और उसकी तकनीकपर अमेरिकाको गर्व था; परन्तु भारतीय सैनिकने उसे नष्टकर भारतका सिर गर्वसे ऊंचा कर दिया ।
“ऐसी वीरता व साहसका प्रदर्शन हम भारतीयोंके रक्तमें है ! इस भूमिने सदा ही ऐसे साहसी वीर जन्मे हैं और इस देशने सदैव चमत्कार ही किए हैं, तभी सभी इससे शिक्षा लेते हैं । तभी तो एक षडयन्त्र अन्तर्गत सभी भारतीय युवाओंको लक्ष्य बनाया जा रहख है; क्योंकि इस राष्ट्रकी शक्ति युवा हैं और उन्हीं युवाओंको मादकता, वासना, लोभी, लालची व कामुकताके मदमें अन्धा करनेका चहुंओरसे षडयन्त्र चल रहा है और उसका परिणाम यह हुआ है कि लगभग दो आगामी पीढियां लगभग संस्कारहीन होकर नष्ट हो चुकी हैं ! माता-पिता स्वयं सारा जीवन केवल यदा-कदा धन अर्जित करनेमें लगा देते हैं, धर्म व राष्ट्रके लिए कोई समय नहीं देते हैं तो उनके बखलक भी वही सिखते हैं तो अब जब पुनः इस धराको वीरोंकी आवश्यकता है, जोकि पुनः संस्कार व धर्म निर्माण करनेसे ही आ सकती है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : न्यूज ट्रेंड
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