साधककी भविष्यवाणी कोई नहीं कर सकता !


साधककी भविष्यवाणी कोई नहीं कर सकता है; क्योंकि वह अपने क्रियमाण कर्मसे साधनाकर अपने प्रारब्धकी तीव्रताको न्यूनकर अपने संचितको भस्मकर एक इतिहास रच सकता है । वहीं अहं व दोषके कारण उससे होनेवाली चूकोंसे वह अध्यात्मके ९०% स्तरपर पहुंचकर भी गिर सकता है; अतः कुछ बुद्धिमान ज्योतिषी साधकोंकी भविष्यवाणी करनेसे बचते हैं । यह है क्रियमाण कर्मकी शक्ति जो किसीको ऊंचाईपर पहुंचा देती है तो किसीको पतनकी ओर धकेल देती है ।
मैंने अपनी आध्यात्मिक यात्रामें अनेक साधकोंके साथ यह होते हुए पाया है ।



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