‘एआईएमआईएम’के ‘रैली’ फलकपर श्रीरामकी नगरीको फैजाबाद लिखनेका साधुओंने किया विरोध
५ सिंतबर, २०२१
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावको लेकर सभी राजनीतिक दल अपने प्रयास आरम्भ कर चुके हैं । इसी मध्य असदुद्दीन ओवैसीके नेतृत्ववाले राजनीतिक दलके सम्मेलनको लेकर अयोध्याके सन्त विरोधपर उतर आए हैं । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार ७ सितम्बरको अयोध्या मुख्यालयसे ४० किलोमीटर दूर रुदौली क्षेत्रमें ‘एआईएमआईएम’की ‘शोषित वञ्चित समाज सम्मेलन’ नामसे राजनीतिक सभा आयोजित की जा रही है । इसमें दलके राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी भी पहुंच रहे हैं । ओवैसीके उत्तर प्रदेश यात्राको लेकर उनके दलने एक फलक जारी किया है, जिसमें उन्होंने अयोध्याको फैजाबाद लिखा है । इसको लेकर साधुओंने विरोध व्यक्त किया है तथा चेतावनी दी है कि यदि फैजाबादके स्थानपर अयोध्या नहीं लिखा तो ओवैसीकी ‘रैली’ यहां नहीं होने दी जाएगी । हनुमानगढीके महन्त राजूदासका कहना है कि संसद देशका मन्दिर है और उसके सदस्य ओवैसीकी भाषा ऐसी है । अयोध्यासे क्या चिढ है ? क्यों फैजाबाद कह रहे हैं ? महन्त जगद्गुरु आचार्यने कहा कि यह मुख्यमन्त्री व उत्तर प्रदेश वासियोंका अपमान है । उल्लेखनीय है कि ओवैसीके दलके जनपद अध्यक्ष शहनवाज सिद्दीकीने कहा है कि अयोध्याका पूर्व नाम फैजाबाद था और परिवर्तित हुए नामको प्रयोगमें लानेमें अभी समय लगेगा ।
जब जनपदका उचित नाम लेनेमें ही विवाद है तो राजनीतिक दल उस जनपदमें प्रवेश ही क्यों कर रहा है ? यह स्पष्ट है कि मतोंका लोभ व जिहादियोंको सङ्गठित करने हेतु ओवैसी अपने षड्यन्त्र अन्तर्गत प्रयासरत हैं । उत्तर प्रदेशके हिन्दुओंको इसपर अपना विरोध अवश्य प्रकट करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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