‘बद्रीनाथ नहीं, वो बदरुद्दीन शाह हैं, मुसलमान अधिग्रहण करनेके लिए प्रस्थान करेंगे’, देवबंदी मौलानाके विषकारी बोल
२४ जुलाई, २०२१
उत्तर प्रदेश स्थित सहारनपुरके एक मौलानाका ‘वीडियो’ प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह एक पवित्र हिन्दू तीर्थस्थलपर मुसलमानोंका अधिकार बता रहा है । देवबंदी मौलाना अब्दुल लतीफकी इस ‘वीडियो’में वह कहता दिख रहा है कि बद्रीनाथ धाम हिन्दुओंका नहीं अपितु मुसलमानोंका है । ‘सोशल मीडिया’पर इस ‘वीडियो’के सामने आनेके पश्चात लोगोंने उत्तर प्रदेश पुलिससे उसकी बन्दीकी मांग की है ।
इस ‘वीडियो’में मौलाना अब्दुल लतीफ कहता है, “वास्तविक बात तो यह है कि वह बद्रीनाथ नहीं, बदरुद्दीन शाह है । यह मुसलमानोंका धार्मिक स्थल है, इसीलिए इसे मुसलमानोंके अधिकारमें दे देना चाहिए । यह बद्रीनाथ नहीं है । नाथ लगा देनेसे वह हिन्दू हो गए क्या ? वो बदरुद्दीन शाह हैं । ‘तारीख’ उठा कर देखिए । इतिहासका अध्ययन कीजिए, तदुपरान्त ‘बकवास’ कीजिए । मुसलमानोंको उनका धार्मिक स्थल चाहिए ।”
कुछ दिवस पूर्व हिन्दुओंके पवित्र तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाममें १५ जिहादी श्रमिकोंद्वारा ईदकी ‘नमाज’ पढनेके प्रकरणने अब ‘जोर’ पकड लिया था । कार्यवाहीकी मांग करते हुए हिन्दू सङ्गठनोंने उत्तराखंडके पर्यटन मन्त्री सतपाल महाराजको ज्ञापन दिया है, जिसपर उन्होंने चमोलीके पुलिस अधीक्षकको जांचके आदेश दिए थे । आरोप है कि वहां चल रहे निर्माण कार्यमें संलग्न श्रमिकोंमेंसे कुछ मुसलमान समुदायके व्यक्तियोंने ‘नमाज’ पढी थी । उल्लेखनीय है कि उत्तराखंडमें स्थित बद्रीनाथ मन्दिर मुख्यतः भगवान विष्णुको समर्पित है । सन्तोंद्वारा वर्णित भगवान विष्णुके पवित्र १०८ धामोंमें इसका नाम आता है । साथ ही यह जगद्गुरु शंकराचार्यद्वारा स्थापित चार मठोंमेंसे भी एक है ।
जिहादी प्रवृत्ति मुसलमान समुदायमे स्पष्ट रूपसे दिखाई देती है । जिहादी मौलानाका यह ‘वीडियो’ उन जिहादियोंके पक्षमें प्रसारित किया गया है, जिन्होंने कुछ दिवस पूर्व हमारे पवित्र तीर्थस्थलमें ‘नमाज’ पढी थी । दुःख इस बातका है उत्तराखंडके पर्यटन मन्त्री, जो अपने आपको सन्त बताते है, इस प्रकारके कुकृत्य होनेपर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते । सभी कर्महिन्दू स्वयंसे संज्ञान लेते हुए प्रशासनको विवश करे कि ऐसे जिहादी मौलानाको कठोरदण्ड दिया जाए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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