‘सुल्फा’ नहीं मिला तो मन्दिरके दिव्याङ्ग महन्तकी लोहेकी ‘रॉड’से पीटकर हत्या
११ जुलाई, २०२१
उत्तर प्रदेशके संभल जनपदमें गुमसानीके पातालेश्वर शिव मन्दिरमें ८ जुलाई, बृहस्पतिवारको एक दिव्याङ्ग साधुकी लोहेकी ‘रॉड’से पीट-पीटकर मोनू वाल्मीकि नामक युवकने हत्या कर दी ।
मृतक साधू शारीरिक रूपसे विकलाङ्ग भी थे । अगले दिवस प्रातः पूजाके लिए जब कुछ लोग मन्दिर पहुंचे तो उन्होंने महाराजके शवको मन्दिर परिसरकी भूमिपर पडा पाया, जिसके पश्चात असमोली ‘थाने’को सूचना दी गई ।
ज्ञातव्य है कि आरोपी मोनू वाल्मीकि एवं महाराजके मध्य कुछ समय पूर्व वाद-विवाद हुआ था; इसके पश्चात मोनू बाबासे ‘सुल्फा’ मांगने मन्दिर परिसरमें आया । बाबाने उसे ‘नशा’ देनेसे अस्वीकार कर दिया, इसीसे मोनूने निकट पडे लोहेकी ‘रॉड’को उठाकर महन्तको मारना प्रारम्भ किया, महन्तने बचनेके लिए इधर-उधर दौडनेका प्रयास किया; परन्तु मोनूने अन्ततः उन्हें मार डाला । ऐसा करनेके उपरान्त मोनू मन्दिरका द्वार बन्दकर भाग गया ।
संभल पुलिसद्वारा घटनाको लेकर शीघ्र कार्रवाई की गई तथा उन्होंने आरोपी मोनूको पकड लिया गया ।
जिन मन्दिरके महन्त व पुजारियोंके चरण स्पर्शकर आजके समाजको धर्मज्ञान लेना चाहिए, उन्हींको वे अब मार रहे हैं । इससे ज्ञात होता है कि किस प्रकारकी मानसिकता धर्महीन युवाओंकी हो चुकी है । इन्हें निःशुल्क सब कुछ चाहिए; परन्तु अपने कर्तव्यके रूपमें समाजको केवल हत्याका उपहार देना चाहते हैं; अतः समाजको अब धर्मशिक्षण देना अनिवार्य हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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