गोवाके मन्त्री बोले, सनातन संस्था हिन्दू धर्मके लिए कार्य कर रही है


अक्तूबर ९, २०१८

बम विस्फोटके प्रकरणमें ‘इण्डिया टुडे’के स्टिंग ऑपरेशनपर गोवाके मन्त्री सुदीन धाविलकरने ‘सनातन संस्था’का बचाव किया है । उन्होंने कहा है, “सनातन संस्था हिन्दू धर्म और संस्कृतिके लिए कार्य कर रही है । मुझे नहीं लगता कि वे देशके विरुद्घ कोई काम कर रहे हैं । इस प्रकरणकी जांच हो रही है और होनी भी चाहिए । इसमें न्यायालयके निर्णयकी प्रतिक्षा करनी चाहिए । वह और उनका परिवार सनातन संस्थाके साथ हिन्दू धर्मके प्रसारके लिए जुडे हुए हैं । सनातन संस्था हिंसामें विश्वास नहीं करती है । इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है कि संस्थाके भीतर क्या चल रहा है ? हम हिन्दू धर्मका प्रसार करने वाले सभी संगठनोंका समर्थन करते हैं । वह केवल संस्थाको विज्ञापन देते हैं । चाहे तो उनके देयादेय फलककी (बैलेंस शीट) जांच कर ली जाए । उन्होंने आजतक और इंडिया टुडेके खुलासेपर कहा है कि यदि दो लोग सनातन संस्थाके साधक होनेका दावा कर रहे हैं तो उनका कैसे विश्वास कर लिया जाए ? घटनाके समय कांग्रेस सत्तामें थी । अब यह प्रकरण न्यायालयमें है तो इसपर निर्णयकी प्रतिक्षा करनी चाहिए ।

वहीं, सनातन संस्थाने अपनी गतिविधियोंका बचाव किया है । सनातन संस्थाकी सहयोगी ‘हिन्दू जनजागृति समिति’के प्रवक्ता रमेश शिन्देने साधकके स्वीकृतिसे सम्बन्धित स्टिंगको ही ‘छेडछाडसे तैयार किया’ बताया है ।

“भागवत पुराण कहता है कि यदि सन्त अथवा भद्र पुरुषपर दोषारोपण किया जाए तो उनके चरणोंकी धूलि आपका सर्वनाश कर देती है । ईसाई व मुसलमानोंका तुष्टीकरण करने वाला भारतीय समाचार जगत ईश्वरके कोपका भाजन न बनें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।
© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution