सन्त वाणी


साधन भक्तिके प्रभावसे मनुष्य क्या नहीं कर सकता ?, अर्थात सब कुछ कर सकता है । विशुद्ध भक्ति और भगवच्चरणारविन्दमें उत्कट प्रेम होनेपर मनुष्यमें दैवी ऐश्वर्य प्रकट होने लगता है । जो व्यक्ति केवल परमेश्वरको ही अपना सर्वस्व (सर्वेसर्वा) समझता है, वह असम्भवसे असम्भव कार्यको सम्भव कर देता है – धर्मसम्राट करपात्रीजी महाराज



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