जुलाई ११, २०१८
‘प्रेम’का प्रतीक माने जाने वाले ताजमहलके संरक्षणपर उच्चतम न्यायालयने कडी प्रतिक्रिया दी है । बुधवारको उच्चतम न्यायालयने संरक्षण और रखरखावपर शासकीय उदासीनतापर कहा कि यदि इसे सम्भाल नहीं सकते हैं तो ढहा दीजिए ! ज्ञात है कि गत कुछ समयसे ताजकी चमक कम होती जा रही है, जिसको लेकर उच्चतम न्यायालय प्रतिक्रिया दे रहा है ।
न्यायाधीश मदन भीमराव लोकुरने ताजके संरक्षण और रखरखावको लेकर केन्द्र शासन और उसके संस्थान ‘एएसआई’की उदासीनतापर क्रोधित होते हुए कहा कि यदि इसे सम्भाल नहीं सकते तो इसे ढहा दीजिए !
निराश उच्चतम न्यायालयने कहा कि एक ओर फ्रांसके ‘एफिल टॉवर’को देखने ८०० लाख लोग आते है, जबकि ताजमहलके लिए केवल ५० लाख ! आप लोग ताजमहलको लेकर गम्भीर नहीं है और न ही आपको इसकी चिन्ता है । आप पर्यटनको लेकर गम्भीर नहीं है ! आपके कारण यह देश हानि उठा रहा है ! ताजमहलको लेकर घोर उदासीनता है; क्योंकि आपको ताजको बचाने, पर्यटकोंके लिए सुविधा करनेसे अधिक इसे बिगाडनेकी चिन्ता है, तभी तो आपने उद्योग लगानेकी स्वीकृति ले ली हैं । उच्चतम न्यायालयने प्रश्न किया कि Taj Trapezium Authority (TTZ) में उद्योग लगानेके लिए लोग आवेदनकर रहे है और उनके आवेदनपर विचार भी हो रहा है !
उच्चतम न्यायालयने टिप्पणी करते हुए कहा PHD चेम्बर्सको कहा कि जो उद्योग चल रहे है, उसको क्यों ना आप स्वयं बन्द करें ! ‘टीटीजेड’की ओरसे कहा गया कि वो अब ‘टीटीजेड’में कोई नूतन उद्योका आदेश नहीं देगा, न्यायालयने अपने आदेशमें कहा कि ‘टीटीजेड’ कुछ नूतन उद्योगके आवेदनपर विचार कर रहा है । न्यायालयने ‘टीटीजेड’के अधिकारीको सूचनापत्र देकर न्यायालयमें बुलवाया है ।
इससे पूर्व भी गत वर्ष उच्चतम न्यायालयने सुनवाई के मध्य शासनने इसके लिए योजना प्रस्तुतकी थी । केन्द्रने बताया था कि ताजमहलके संरक्षण और आगराके विकासके लिए कई योजनाएं शासनने बनाई हैं, इनमें आगरामें डीजल जनरेटरपर प्रतिबन्ध, सीएनजी वाहनोंपर बल, प्रदूषणपर नियन्त्रण और पॉलीथिनपर प्रतिबन्ध जैसे पग भी सम्मिलित हैं ।
इसके अतिरिक्त आगरा महायोजना २०२१ के अन्तर्गत ‘डबल रिंगरोड’के साथ राजमार्गको चौडा किया जा रहा है । इसके अतिरिक्त पौधे लगाने, प्रदूषणकारी उद्योगोंका स्थानान्तरण सहित कई और योजनाए हैं, जिनसे न केवल ताजको संरक्षित रखा जा सकेगा, बल्कि पर्यटकोंको भी सुविधा मिलेगी ।
स्रोत : आजतक
Leave a Reply