मोदी शासनपर आक्रमणके लिए अपने स्तरसे गिरे शशि थरूर, किए अभद्र ‘ट्वीट’
२३ फरवरी, २०२१
कांग्रेसके वरिष्ठ नेता शशि थरूरने ‘सोशल मीडिया’पर एक महिलाका आपत्तिजनक अवस्थामें चित्र साझाकर मोदी शासनकी आलोचना करनेका प्रयास किया है । केरलसे तीसरी बार सांसद चुने गए थरूरके इस कृत्यसे लोग रुष्ट दिखे और उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कभी ये व्यक्ति संयुक्त राष्ट्रके महासचिव बननेकी दौडमें सम्मिलित हुआ करता था । चित्रमें एक महिला लाल गद्देपर पेटके बल लेटी हुई है । उसके नितम्ब आपत्तिजनक अवस्थामें उठे हुए हैं और वह पीछेकी ओर देख रही है । पीछे एक व्यक्ति अर्ध नग्न अवस्थामें खडा है । साथ ही चित्रमें लिखा हुआ है, “ये कौनसा ‘पोजीशन’ है ?” शशि थरूरने चित्रके साथ लिखा कि जब भाजपा सत्तामें हो तो प्रत्येक दिन ‘राष्ट्रीय योग दिवस’ है । इस प्रकार उन्होंने योगका भी उपहास बनाया ।
उल्लेखनीय है कि ग्रेटा थनबर्गने जिस खालिस्तानी ‘टूलकिट’को ‘लीक’ कर दिया था, उसमें भी लिखा था कि भारतकी ‘योग और चाय’वाली छविको हानि पहुंचानी है । ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ व अन्य खालिस्तानी संगठनोंने इस ‘टूलकिट’को बनाया था ।
कांग्रेस व उसके नेताओंका आरम्भसे ही यही प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूपमें एक ही लक्ष्य है कि कैसे भारत राष्ट्रसे हिन्दुओं एवं उनकी संस्कृतिको नष्ट किया जाए ? स्वतन्त्रताके पश्चात विद्यालयों एवं महाविद्यालयोंसे योग व हिन्दू दर्शनशास्त्रके विषयोंको हटा दिया एवं उनके नेताओंके चरित्रसे राष्ट्र परिचित है । महिला आयोगको शशि थरूरके इस कृत्यपर संज्ञान लेते हुए कठोर कार्यवाही करनी चाहिए और एक ऐसा उदाहरण देना होगा कि कोई भी नेता, अभिनेता या सामान्य व्यक्ति ऐसी घृणित टिप्पणी न कर सके और लोगोंको अब यह भी समझना होगा कि विवेक व संस्कार जाग्रत होनेके लिए मैकॉले पद्धतिकी नहीं, वरन धर्मशिक्षणकी आवश्यकता है । शशि थरूर जैसे लोग शिक्षा, शासन व भारतीयताके नामपर केवल कलंक हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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