‘कैग’ विवरणमें सेनाओंको मिले अयोग्य गुणवत्ताके ‘पैराशूट’ !


अगस्त ७, २०१८

नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षकने देशमें निर्मित रक्षा उपकरणोंकी गुणवत्तापर प्रश्न किए हैं । कानपुर स्थित आयुध पैराशूट फैक्टरीने (ओपीएफ) जल, थल और नभ सेनाके लिए अयोग्य गुणवत्ताके ‘पैराशूट’ बनाए ! दोषयुक्त गुणवत्ताके पैराशूटोंके कारण सेनाओंकी तैयारियां प्रभावित हुई । सेनाओंकी ओर से परिवादके पश्चात भी आयुध फैक्टरी पैराशूटकी त्रुटियोंको दूर नहीं कर पाई !

‘कैग’की मंगलवारको संसदमें प्रस्तुत विवरणमें कहा गया है कि कई प्रकारके पैराशूटकी सेनाओंको आवश्यकता होती है । कुछ पैराशूट देशमें बनते हैं; लेकिन जो नहीं बन पाते, उन्हें विदेशोंसे क्रय किया जाता है । देशमें पैराशूट बनानेका उत्तरदायित्व ओपीएफ कानपुरके पास है; लेकिन उद्योगद्वारा बनाए गए पैराशूटोंकी गुणवत्तामें कई त्रुटियां पाई गई ! सेनाओंकी ओरसे चिन्ता दर्शायी गई कि इन पैराशूटसे मानवोंको उतारना हानिकारक सिद्ध हो सकता है ।

‘कैग’ने विवयणमें कहा है कि २०१४ से २०१७ के मध्य ओपीएफद्वारा आपूर्ति किए गए ७३० पैराशूटकी गुणवत्ता अयोग्य पाई गई । इनका मूल्य लगभग ११ कोटि थी । इनके चलते इन्हें उपयोगके योग्य नहीं माना गया । जैसे बीपीएसयू-३० पैराशूटमें दोनों कैनोपीपर व्हिपिंग ढीली हो गई और पुलीके सिरेपर चढ गई ! जबकि ‘पीपी चेस्ट टाइप पैराशूट’के सहायक पैराशूटमें छिद्र पाया गया ! ‘पीपी मिराज २००० पैराशूट’में ‘हारनेस असेम्बली’का ‘लैप स्ट्रैप’ समायोजनके लिए बहुत कडा था। छोटे ऊंचाई, छोटी लम्बाई इत्यादि से यह असुविधा हो रही थी ।

‘कैग’ने कहा है कि ओपीएस २०१२-१७ के मध्य केवल पांच अवसरपर ही पैराशूटका उत्पादन लक्ष्यको प्राप्त कर पाया, जबकि १९ अवसरपर देरी की गई । दूसरे, पैराशूटोंमें गुणवत्ताकी त्रुटियोंके कारण तीनों सेनाओंकी संचालन तैयारियों तथा उडान प्रतिबद्धताओंको प्रभावित किया । निरीक्षणके समय पैराशूटमें प्रयोग किए गए कपडोंमें भी दोष पाए गए ! कई स्थानपर वस्त्रोंमें छिद्र पाए गए, जो पैराशूटकी उडानके लिए प्राणघातक हो सकता है !

‘कैग’ने यह भी कहा कि नए विकसित सीएफएफ एवं एचडी पैराशूटोंका थोक उत्पादन गुणवत्ता मानकोंका समाधान नहीं हो पानेके कारण आरम्भ नहीं हो सका । परिणाम यह हुआ कि नौ से ११ वर्षकी प्रतिक्षाके पश्चात भी सेनाओंको ये पैराशूट नहीं मिल पाए ! कैगने इस बात पर भी विरोध प्रकट किया है कि ओएफबीने इस प्रकरणपर मन्त्रालयके प्रश्नोंका उत्तर नहीं दिया !

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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