१२ वर्षीय लडकीका बलपूर्वक अंग स्पर्श करनेको न्यायालयने यौन शोषण नहीं माना


२६ जनवरी, २०२१
     बॉम्बे उच्च न्यायालयमें न्यायिक पुष्पा गानेडीवालाकी एक महिला न्यायाधीशने आरोपीकी याचिकापर सुनवाई करते हुए कहा, “अभियोगका यह विषय नहीं है कि आरोपीने पीडिताका वस्त्र ‘टॉप’ हटाया और उसके स्तन स्पर्श किए, वरन इस विषयमें किसी भी प्रकारका सीधा शारीरिक सम्पर्क नहीं हुआ है । शोषणकी इच्छासे किए गए शरीरसे शरीरके सम्पर्क बिना इसे यौन शोषण नहीं माना जाएगा । यह ‘आईपीसी’की धारा ३५४ के भागमें अवश्य आएगा, जो स्त्रियोंकी लज्जाके साथ खिलवाड करनेके आरोपमें दण्डकी बात करता है ।”
सूचनानुसार आरोपी १२ वर्षीय लडकीको अमरुदका प्रलोभन देकर अपने घरले गया था । जब पीडिताकी मां आरोपीके घर पहुंची तो उसकी बेटीने रोते हुए पूरी घटनाके बारेमें बताया । इसके पश्चात महिलाने आरोपीके विरुद्ध परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट कराया था ।
          यदि न्यायाधीश ही ऐसे निर्णय देंगे तो यौन शोषण व बलात्कार जैसे अपराध कैसे रूकेंगे ? एक बालिकाको कामुक व्यक्ति घर ले गया और उसे अनुचित ढंगसे छुआ तो यह यौन शोषण नहीं है, तो क्या है ? क्या न्यायाधीश यह चाहते हैं कि वह उससे बलात्कार करता, इससे पहले उसकी मां वहां पहुंची ? यह लज्जाका विषय है और यह स्पष्ट न्याय नहीं है । किसी भी रूपमें यौन अपराध करनेवाला कठोर दण्ड पाएगा, तभी इस देशमें बालिकाओंके प्रति ऐसे अत्याचार रुकेंगे; परन्तु आजका न्यायतन्त्र तो जघन्य अपराध करनेवालोंको भी शीघ्रातिशीघ्र दण्डित नहीं करता है, तो इस प्रकरणमें क्या अपेक्षा की जाए ? केवल हिन्दू राष्ट्रकी व्यवस्था ही ऐसे अपराधियोंको उचित दण्ड दे पाएगी ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution