आप दोनों बंगाल और महाराष्ट्रको पृथक देश घोषितकर प्रधानमन्त्री बन जाएं, भारतसे लें स्वतन्त्रता, ‘एसएफजे’का ममता और उद्धवको परामर्श


२४ फरवरी, २०२१
     खालिस्तानी संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस ‘एसएफजे’ने बंगालकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी और महाराष्ट्रके मुख्यमन्त्री उद्धव ठाकरेसे कहा है कि आप अपने-अपने राज्योंको भारतसे स्वतन्त्र घोषित करें ! ‘यूट्यूब’पर ‘फ्री बंगाल, फ्री महाराष्ट्र’ नामसे ‘चैनल’ बनाकर पहला ‘वीडियो’ भी ‘अपलोड’ कर दिया गया है, जिसमें ‘एसएफजे’के गुरपतवंत सिंह पन्नूने कहा कि वो मानवाधिकारके लिए लड रहा है और पंजाबको ‘कब्जासे मुक्ति’ दिलानेके लिए लड रहा है ।
‘वीडियो’में उसने कहा, “मैं महाराष्ट्र और बंगालके नागरिकोंको सन्देश देना चाहता हूं । मराठी और बंगाली भाई-भाई होते हैं । मैंने ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरेको पत्र लिखकर कहा है कि वे दोनों राज्योंको भारतसे स्वतन्त्र घोषित करें ! दोनों राज्योंकी सांस्कृतिक और भाषाई ‘पहचान’को बचानेके लिए भारतसे पृथक होना आवश्यक है । भारत इन सबको समाप्तकर उनपर शासन करना चाहता है ।
     वर्तमानमें तथाकथित किसान आन्दोलनकी आडमें यह संगठन ‘एसएफजे’ एक सुनियोजित ढंगसे राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहा है और वामपन्थी लोग, जो इनसे सहानुभूति दिखा रहे हैं, वे भी अप्रत्यक्ष रूपसे इस षड्यन्त्रका भाग हैं; अत: इन सभीके विरुद्ध कठोर कार्यवाही होनी चाहिए; परन्तु इन दोनों ही राज्योंके मुख्यमन्त्रियोंकी ओरसे इस राष्ट्रदोही वक्तव्यके लिए कोई प्रतिक्रिया या वक्तव्य नहीं आया है, जो एक चिन्ताका विषय है । किसी भी राज्यमें भले विपक्षके दलोंका शासन हो; परन्तु जहां देशका प्रकरण हो, वहां तो एकजुटता दिखानी ही चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution