वॉलमार्ट अधीन फ्लिपकार्टका दुस्साहस, पायदानपर हरमन्दिर साहिबका चित्र डाला !!


जनवरी ५, २०१९


शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक समितिने ऑनलाइन विक्रय करनेवाली कम्पनी ‘फ्लिपकार्ट’द्वारा एक पायदानमें (मैटमें) ‘श्री हरमन्दिर साहिब’का चित्र प्रकाशित करनेका गम्भीर आरोप लगाया है । ‘एसजीपीसी’के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लोंगोवालने इस कम्पनीके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करनेके लिए ‘चीफ सेक्रेटरी’ डॉ. रूप सिंहको निर्देश जारी किए हैं !

भाई लोंगोवालने कहा कि ‘फ्लिपकार्ट’द्वारा श्री हरमन्दिर साहिबका चित्र पायदानमें छपनेसे संगतमें रोष है । किसीभी कम्पनीको सिखोंकी धार्मिक भावनाओंके साथ खिलवाड करनेकी आज्ञा नहीं दी जा सकती । एसजीपीसी इस कम्पनीके विरुद्घ कडी कार्यवाही करेगी ।

केन्द्र एवं पंजाब शासनको धर्म विरोधी कार्यवाही करनेवाली इस कम्पनीके विरुद्ध स्वयं अधिसूचना लेकर कार्यवाही करनी चाहिए । डॉ. रूप सिंहने कहा कि इस कम्पनीको वैधानिक अधिसूचना भेजी जा रही है । एक माह पूर्व अमेजॉन कम्पनीने इसप्रकार की चूक की थी । संगतके विरोधके पश्चात कम्पनीने क्षमा मांगी थी ।

 

“फ्लिपकार्ट जबतक भारतीयोंके अधीन थी, तबतक ऐसा अपराध नहीं हुआ था; परन्तु जैसे ही विदेशी प्रतिष्ठान वॉलमार्टने अधिग्रहित किया तो ऐसा प्रकरण समक्ष आया है । इसका अर्थ है यह जान-बूझकर किया कृत्य है । एक माहपूर्व ही अमेजॉनने यह कृत्य किया था और सिखोंके विरोधके पश्चात कम्पनीने क्षमा मांगी और सिख शान्त होकर बैठ गए ! ये क्षमादान देनेकी नीतिने ही हिन्दुओं व धर्मकी इतनी विडम्बना की है । यदि गुरुद्वारा प्रबन्धक समितिने पूर्ण वैधानिक कार्यवाही की होती तो क्या आज वॉलमार्टका साहस बनता कि वह स्वर्ण मन्दिरका चित्र पायदानपर डाले ! इसपर सभी विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution