दिसम्बर ३०, २०१८
मौलाना हबीब सानीने मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के ८९वें स्थापना दिवस जामा मस्जिद लुधियानामें एक कार्यक्रमके आयोजनपर कहा कि इस दलकी स्थापना भारतके प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी रईस उल अहरार मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी प्रथम, सैय्यद उल अहरार, सैय्यद अताउल्लाह शाह बुखारी, चौधरी अफजल हकने २९ दिसम्बर १९२९ को लाहौरके हबीब हालमें की थी । यदि आज भी आवश्यकता हुई तो हम अपने देशकी अखण्डताके लिए रक्तकी अन्तिम बूंद भी बहा देंगें ।
उन्होंने कहा कि हम अपना इतिहास अपने रक्तसे लिखते हैं । शाही इमामने कहा कि मोदी शासन तीन तलाकके नामपर एक काला विधान मुस्लिम समुदायपर थोप रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा । देशके संविधानके अनुसार प्रत्येक एक व्यक्ति अपने धर्म और आस्थाके अनुसार जीवन व्यतीत करनेके लिए स्वतन्त्र है और हमारी ये स्वतन्त्रता कोई राजनीतिक दल नहीं छीन सकता ।
“मौलानाजीको बताना चाहेंगें कि आप स्वतन्त्रता हेतु लडे हो सकते हैं, समूचा समुदाय नहीं और यदि कोई व्यक्ति स्वतन्त्रताके लिए लडकर आता है और घरपर आकर अपनी पत्नीको मारपीटकर तलाक देकर सडनेके लिए छोड देता है तो इसे किसी भी मूल्यपर उचित नहीं कहा जा सकता है । यह हिन्दुस्तान है, जहां नारियोंको सदैव ही पूजनीय माना गया है; अतः यहां तो यही विधान ही मान्य है, फिर इस्लाम कुछ भी कहता हो”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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