डोडामें ‘भारत माताकी जय’ बोलनेके पश्चात अब महबूबा मुफ्तीके गढ़में कश्मीरियोंने फहराया तिरंगा


१९ दिसम्बर, २०२०
   जम्मू कश्मीरमें डीडीसी चुनावोंके मध्य १७ दिसम्बरको एक बार पुनः भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैनने राज्यमें राष्ट्रवादका झण्डा फहराया । उन्होंने बिजबेहरामें सैंकडोंकी भीडको सम्बोधित करते हुए तिरंगेके लिए ‘नारे’ लगवाए और पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीको चुनौती दी ।
उन्होंने भाजपा और प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी उत्तर कश्मीरके क्षेत्रोंमें दूसरी ‘पार्टियों’की छोटी ‘रैलियों’को बडा और भाजपाकी बडी ‘रैलियों’को छोटा बताया गया ।
उन्होंने कहा, “पूरा भारत इस बातका साक्षी है कि दक्षिण कश्मीरके अनंतनागमें बिजबेहरामें महबूबा मुफ्ती कहती थीं कि भारतका तिरंगा उठानेवाला कोई नहीं मिलेगा; इसलिए मैं सैयद शाहनवाज हुसैन आज महबूबा मुफ्तीके बिजबेहरामें खडे होकर ये तिरंगा फहराता हूं ।”
        दशकों पूर्व जिस धाराका कांग्रेसने बीजारोपण किया और वहां स्थानीय राजनीतिक दलोंने उसमें ‘खाद’-पानी देकर सींचनेका कार्य करते हुए भ्रष्टाचारकी सीमाको पार किया, उसका मिथक अगस्त २०१९ में धारा ३७० एवं ३५ए हटनेके बाद सामने आ रहा है । राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस और इस राज्यके राजनेताओंने कश्मीरकी जनताका तो शोषण किया ही था, साथ ही उन्होंने विकाससे भी वंचित रखा और देशकी मुख्यधारामें भी सम्मिलित नहीं होने दिया । जम्मू-कश्मीरकी जनताका लोकतन्त्रमें विश्वास एवं वहां डीडीसी चुनावोंकी सफलता महबूबा मुफ्ती, अब्दुल्ला एवं कांग्रेसके मुखपर चोट है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



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