मेरे वडोदरा निवासके परिसरमें वर्षोंसे बहुत अधिक संख्यामें लाल चिंटीयोंका निवास है । उन्हें मारना नहीं है। कई प्राकृतिक उपाय किए जैसे कि आटा, आटा-नमक, हल्दी ! उसी परिसारमें देशी गीर गौमाताएं (मां-बेटी) भी रहीं । उनका भरपूर मुत्र भी भूमिमें गया है और उनका गोमय भी मिट्टीमें मिला है । साथ ही घरमें चिडचिडापन, सिरकी वेदना, दुर्बलता, उर्जाकी न्यूनता रहती है । कृपया कोई उपाय बताएं कि ये चींटियां सस्नेह यहांसे चली जाएं । - रोहित पारेख, वडोदरा
रोहितजी मैं यही तो सभी गोभाक्तोंसे कहती हूं कि प्रत्येक समस्याका समाधान गौमातासे नहीं हो सकता है ! उनकी भी अपनी मर्यादा है ! यदि सब कुछ उनसे साध्य हो जाता तो ईश्वर इस ब्रह्माण्डमें देवी-देवताओंका निर्माण ही नहीं करते | मैं जानती हूं कि आप हिंदुत्वनिष्ठ है और गौ भक्त भी ! तो सर्वप्रथम आपके प्रकरणका सूक्ष्म समीक्षासे जो ज्ञात होता है वह बताती हूं ! आपके घरमें पितृ दोष तो है ही साथ ही दूसरे पातालके मान्त्रिकका आक्रमण भी है ! आपको पता है या नहीं मुझे ज्ञात नहीं किन्तु आपको बता दें कि जैसे सात उच्च लोक होते हैं (भू, भुव, स्वर्ग, मह:, जन, तप एवं सत्यलोक) वैसे ही सप्त पाताल होते हैं (अतल, वितल, नितल,गभस्तिमान, महातल, सुतल एवं पाताल) | जैसे उच्च लोकोंमें बढते क्रमानुसार उच्च कोटिके साधक एवं उन्नत जीवों या जीवात्माओंका निवास होता है वैसे ही पातालमें जैसे जैसे नीचे जाते हैं, और अधिक शक्तिशाली आसुरी शक्तियोंका वास होता है ! वर्तमान कालमें हिन्दुत्व हेतु कार्य करनेवाले सभी कार्यकर्ता, साधक, उन्नत एवं संतोंपर भी मान्त्रिकका सूक्ष्म स्तरपर आक्रमण हो रहा है | ऐसे आक्रमणसे बचने हेतु सन्तद्वारा बताए योग्य उपाय करना अति आवश्यक है !
आपके घरपर हो रहे इस कष्ट हेतु वैदिक उपासना पीठद्वारा बताए गए वास्तु-शुद्धिके सभी प्रयत्न करने होंगे एवं जो आपकी परिवारिक या वैयक्तिक स्तरपर कष्ट हो रहे हैं उस हेतु आप उपासनाके आध्यात्मिक उपचार केन्द्रमें सम्पर्क कर अपना पंजीकरण करवा योग्य उपचार जान सकते हैं ! उपचार केन्द्र संपर्क क्रमांक इस लेखके अन्तमें आवश्यक सूचनाओंमें दिया गया है ! (ऑनलाइन उपासना हेल्पलाइन संपर्क क्रमांक : 8956507549)
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