शरजील इमामपर चलेगा देशद्रोहका प्रकरण, ‘सीएए’ विरोधी प्रदर्शनमें दिए थे भडकाऊ वक्तव्य 


२५ जनवरी, २०२२
देहलीके एक न्यायालयने ‘सीएए’के विरुद्ध भडकाऊ वक्तव्य देनेवाले शरजील इमामके विरुद्ध देशद्रोहका प्रकरण चलानेका निर्णय लिया है । इसने १३ दिसम्बर २०१९ को जामिया मिलिया इस्लामियामें व १६ जनवरी २०२० को अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयमें भडकाऊ वक्तव्य दिए थे । उसे २८ जनवरी २०२० को बन्दी बना लिया गया था ।
उसपर देशद्रोह, अवैधानिक गतिविधियोंमें लिप्त होने व राष्ट्रीय एकताको भंग करनेके प्रयत्न करनेका, जनमानसमें घृणा व असन्तोष फैलानेका  आरोप लगाया गया है । उसने लोगोंको उकसाया, जिससे दिसम्बर २०१९ में हिंसा हुई ।
      शरजील इमाम वही व्यक्ति है, जिसने ‘चिकन नेक’ काटकर देशको विभाजित करने जैसी धमकियां दी थीं । उसे कठोरतम दण्डका भागी होना चाहिए । यह भी दुर्भाग्य ही है कि हमारे देशमें ऐसे अनेक सपोले पल रहे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ


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