शास्त्र वचन


नास्ति विद्यासमं चक्षुर्नास्ति सत्यसमं तपः ।
नास्ति रागसमं दुःखं नास्ति त्यागसमं सुखम् ॥ – महाभारत
अर्थ
: विद्याके समान श्रेष्ठ नेत्र नहीं , सत्यके समान श्रेष्ठ तप, आसक्तिके समान बडा दुःख एवं त्यागके समान श्रेष्ठ सुख नहीं है ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution