तीन विनाशकारी दोष


परस्वानां च हरणं परदाराभिमर्षणम् । सुहृदामतिशङ्का च त्रयो दोषाः क्षयावहाः ॥ – वाल्मीकि रामायण

अर्थ : ये तीन दोष विनाशकारी हैं–परद्रव्यहरण, परस्त्रीकी अभिलाषा, और आत्मजनोंपर अविश्वास ।



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