सत्यस्य वचनं श्रेय: सत्यादपि हितं वदेत् । यद्भूतहितमत्यन्तं अेतत् सत्यं मतं मम ।। – महाभारत, शांतिपर्व
अर्थ : सत्य वाचन श्रेष्ठ है और सत्य भी ऐसा सबका हित हो । मेरे मत अनुसार (नारद ) जिससे सभीका हित साध्य हो, वह सत्य है ।
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