पूरा विश्व ही कुटुम्ब


अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम् ।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् ॥ – हितोपदेश

अर्थ : यह मेरा है वह तेरा है यह सब ओछे व्यक्तिकी मनसिकता की उपज है ! उदार चरित्रवालेके लिए पूरा विश्व ही कुटुंब होता है !



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