अगस्त १८, २०१८
हिमाचल प्रदेशकी राजधानी शिमलामें शासकीय भवन लेनेको कर्मचारियोंमें होड मची हुई है; लेकिन २०० ऐसे शासकीय भवन रिक्त पडे हैं, जिन्हें कोई लेनेको सज्ज ही नहीं है ।
कर्मचारीका कहना है कि यहां रहने वाले लोगोंके परिजनोंके साथ कोई न कोई दुर्घटना हो जाती है । ऐसेमें लोग इन भवनोंको ‘भूत बंगला’ भी कहने लगे हैं !
‘हिन्दुस्तान टाइम्स’के विवरणके अनुसार, शिमलामें २०० ऐसे शासकीय भवन हैं, जो तथाकथित नकारात्मक शक्तियोंके कारण रिक्त पडे हैं । शासकीय अधिकारियोंके इस इन भुतहा भवनोंकी चर्चा इस प्रकार है कि शासनने ऐसे भयावह घरोंकी एक पूरी सूचि तैयार की । शासनके जीएडीने लोगोंको न पसन्द आने वाले या भयभीत करने वाले भवनोंकी सूचि तैयार
की, जिसमें २०० भवनोंका नाम सामने आया ।
हिमाचल शासनके एक कर्मचारी हेमन्त चौहानने बताया कि उन्हें सात माह पूर्व एक भवन आवण्टित किया गया है; लेकिन वह भवनके मनहूस होनेके कारण इस पर नहीं स्थानान्तरित हुए । वो अब दूसरे आवासकी प्रतिक्षामें हैं ।
शिमला शासनके जीएडीके पास कुल १८४८ भिन्न-भिन्न वर्गके आवास हैं, जबकि शासकीय कर्मचारियोंको ३०००० आवासोंकी आवश्यकता है । कर्मचारियोंकी भारी मांगके चलते बडी संख्यामें अभी लोग पंक्तिमें हैं ।
जो लोग इन कथित भूतहा घरोंमें रह चुके हैं, उन्होंने यहां प्रेतआत्माओंके होने और विचित्र कार्योके होनेका दावा किया है । एक कर्मचारीने बताया कि रातमें एकाएक अलमारीसे उनकी प्लेटें गिर जाती थीं, जबकि रसोईमें देखा तो कोई नहीं था ! कभी-कभी रात्रिमें किसी महिलाके गाना गानेकी ध्वनि आती थीं ! ऐसा दावा करने वाले कर्मचारीने समाचार माध्यमोंमें अपना नाम अंकित किए जाने से मना किया है ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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