मुख्यमन्त्री शिवराजने गौरक्षा और संवर्धनके लिए प्रदेश ‘गो मन्त्रालय’ बनानेकी घोषणा की


सितम्बर ३०, २०१८

मध्यप्रदेशमें विधानसभा मतदानसे पूर्व शिवराज सिंह चौहानकी ओर से निरन्तर नवीन योजनाओंकी घोषणा की जा रही है । इन सबके मध्य शिवराजने एक बार पुनः अपने वक्तव्यसे प्रदेशकी राजनीतिमें गर्माहट ला दी है । चौहानने राज्यमें गौरक्षा और संवर्धनके लिए स्वतन्त्र गौ मन्त्रालय बनानेकी घोषणा की है । वर्तमानमें राज्यमें गौ-संवर्धन मण्डल है और अब इसके स्थानपर मन्त्रालय होगा ! बता दें कि तीन माह पश्चात राज्यमें विधानसभा मतदान होना है ।


मुख्यमन्त्रीने रविवारको खजुराहोमें ‘आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान समारोह’में कहा कि प्रत्येक घरमें छोटी-छोटी गौशाला बनानेकी आवश्यकता है । इससे गौ माताकी सही अर्थमें सेवा करनेका पुरुषार्थ मिलेगा और इससे बडी क्रान्ति आ सकती है । उन्होंने कहा, “गौशाला और अभ्यारण्यमें वृद्ध गाय आती हैं और देखभालके अभावमें इनकी मृत्यु भी हो जाती है ! ऐसी गायोंके समयपर चिकित्सा सहित अन्य समुचित व्यवस्था भी कराई जाएंगी ।”

उन्होंने कहा कि स्वर्णोदय तीर्थ न्यास बनानेका उपक्रम ऐतिहासिक है । इसके बननेके पश्चात खजुराहोको स्वर्णोदय तीर्थके रूपमें नूतन पहचान मिलेगी । वित्तमन्त्री जयंत मलैयाने राज्य शासनद्वारा जैन तीर्थोके विकास और संवर्धनके लिए किए जा रहे कार्योकी जानकारी दी । मुख्यमन्त्रीने विभिन्न संस्थाओंको ‘आचार्य विद्यासागर जीव दया सम्मान’से सम्मानित किया ।

 

“मुख्यमन्त्री शिवराजजीके इस साहसिक व प्रखर हिन्दुवादी पगका हम सहृदय अभिनन्दन करते हैं, परन्तु गोमाताके लिए केवल चुनाव आनेपर ही घोषणा क्यूं ?, यह प्रश्नचिह्न निर्माण करता है । शिवराज सदृश नेतासे हिन्दुओंको बहुत आशाएं हैं, यदि आप भी केवल चुनावके समय घोषणा करेंगें तो फिर भेद क्या रहेगा ? और गोमाता हिन्दुओंकी आस्था है व हिन्दुत्वका प्राण, इसके रक्षण हेतु प्रत्येक राज्यने आगे आना चाहिए”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जनसत्ता



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