१४ दिसम्बर, २०२०
देहली पुलिसने शोएब खानको ‘पहचान’ परिवर्तितकर १५ वर्षीय बालिकाको झांसा देने, अपहरण और बलपूर्वक विवाहके प्रयासके आरोपमें बन्दी बनाया था । अब इस प्रकरणमें अचम्भित करनेवाले विवरण सामने आए हैं । ज्ञात हुआ है कि शोएबने एसके सिन्हा नामसे लडकीसे सम्पर्क किया था । ‘सीसीटीवी फुटेज’ खंगालने और सैकडों लोगोंसे पूछताछके पश्चात पुलिस बालिकाको ढूंढनेमें सफल रही ।
बालिकाको देहलीके ‘राजौरी गार्डन’ क्षेत्रसे ४६ दिन पूर्व शोएब खानने अपहरण किया गया था । लडकीकी खोज करनेके लिए पुलिसने कई ‘सीसीटीवी फुटेज’ जांचे । ३०० से अधिक ‘ऑटो ड्राइवर’से पूछताछ की । इस पूरे प्रकरणमें एएसआई संजीव, एसआई प्रकाश कश्यप और ‘हेड कांस्टेबल’ शौकत अलीकी भूमिका सराहनीय रही । उन्होंने बालिकाका पता लगानेके लिए घर-घर पूछताछ की और ४६ दिनोंके पश्चात लडकीको ढूंढकर उसके परिवारको सौंपा ।
देहली पुलिसने आरोपीके विरुद्ध अपहरण, छेडछाड, बलपूर्वक विवाह और आपराधिक षड्यन्त्रकी प्राथमिकी प्रविष्ट की है । पुलिसने बताया कि बाल कल्याण आयोगको पीडिताद्वारा दिए गए वक्तव्य और चिकित्सकीय परीक्षा परिणामोंके आधारपर बलात्कारकी भी प्राथमिक प्रविष्ट की जाएगी ।
बात सीधी है कि मृत्युदण्डके बिना ये मस्जिदोंसे प्रशिक्षित जिहादी नहीं सुधरेंगे । शासन इसमें कडे दण्डका प्रावधान करे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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