श्रीगुरु उवाच


चर्च अथवा मस्जिदका शासकीयकरण (सरकारीकरण) विश्वमें कहीं नहीं होता; परन्तु अध्यात्म सम्बन्धी विषयके विश्वके केन्द्र भारतमें, शासनकर्ता देवालय (मन्दिर) हडपते हैं । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले 

साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात (https://sanatanprabhat.org)



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