श्रीगुरु उवाच
देशका विनाश करनेवाला लोकतन्त्र !
चुनावके समय मतप्राप्ति हेतु जनताको लालच देनेवाले अर्थात प्रत्यक्षमें कभी न आनेवाली विविध योजनाओंकी घोषणा करनेवाले तथा पैसोंकी ‘खैरात’ बाटंनेवाले लोकप्रतिनिधियोंके कारण ही देशकी यह दुर्गति हुई है ! – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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