श्रीगुरु उवाच
व्यक्तिगत स्वतन्त्रताके नामपर अपने मनके अनुसार वर्तन करनेवाले लोग वैद्यकीय अथवा न्यायालीन आदि किसी भी क्षेत्रमें अपने मनानुसार नहींकर सकते । केवल आध्यात्मिक परम्पराओंके सन्दर्भमें अपने मनके अनुसार करते हैं ! – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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